गैर बासमती चावल के निर्यात पर मिलेगी छूट

गैर बासमती चावल के निर्यात पर मिलेगी छूट
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से कृषि जिंसों के निर्यात को बढावा देने की एक योजना बनाई है।जिसके तहत निर्यात छूट का दायरा बढाकर इसमें गैर बासमती चावल निर्यातकों को भी शामिल कर लिया है और यह निर्यात शुल्क छूट केद्रीय वाणिज्य की मर्च़ेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआइएस) के तहत दी जाती है।
दरअसल केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधिनस्थ कार्यरत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से एक सार्वजनिक सूचना में कहा है कि गैर बासमती चावल को पांच प्रतिशत की दर से एमईआइएस लाभ को लेकर योग्य बना दिया गया है।यह लाभ 26 नवम्बर 2018 से लेकर 25 मार्च 2019 तक हुए गैर बासमती चावल के निर्यात पर दिया जाएगा।चूंकि डीजीएफटी की तरफ से निर्यात व आयात नीतियों पर काम करता है।जिसको लेकर भारतीय निर्यातकों की तरफ से गैर बासमती चावल लंबे समय से इस तरह की छूट की मांग कर रहे थे।ऐसे में एमईआइएस के तहत केद्र सरकार की तरफ से यह छूट डय़ूटी क्रेडिट स्क्रिप या सर्टिफिकेट के रुप में प्रदान करती है।जिसके तहत इस स्क्रिप का इस्तेमाल सीमा शुल्क सहित कई तरह के शुल्कों के भुगतान में किया जा सकता है।जिसको लेकर देश के अग्रणी चावल निर्यात संघ के अध्यक्ष श्री बीवी कृष्ण राव ने कहा कि गैर बासमती चावल को लेकर वित्तीय मदद देने से इसका निर्यात बढेगा और घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहेंगी।उन्होंने कहा कि नई फसल की आपूर्ति सुधरने के बाद गैर बासमती चावल की कीमत घटने लगी है।ऐसे में स्वभाविक है कि अगले कुछ महीनों में गैर बासमती चावल के निर्यात को बढवा मिलेगा।वैसे भी अमेरिकी डॉलर सहित कई विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपए की मंदी आने के  बावजूद गैर बासमती चावल का निर्यात इस वर्ष कम रहा है।ऐसे में केद्र सरकार की तरफ से उठाए गए कदम से गैर बासमती चावल के निर्यात कारोबार के समक्ष आगे सकारात्मक रुख बनेगा। 
उल्लेखनीय है कि भारत गैर बासमती चावल के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है।जिसके तहत देश से 2017-18 में 86.3 लाख टन चावल का निर्यात हुआ।जिसक तहत बासमती चावल का निर्यात 40.5 लाख टन हुआ।वहीं चालू वित्त वर्ष की प्रथम छमाही में चावल का निर्यात 9.6 प्रतिशत घटकर 58 लाख टन रह गया।जिसके तहत गैर बासमती चावल के प्रमुख खरीददार बंगलादेश ने आयात कम किया क्येंकि उसके यहां इस वर्ष गैर गैर बासुमती चावल का अच्छी पैदावार हुई है।  

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