अल निनो इस मानसून में भी मचाएगा कहर

नई दिल्ली। वर्ष 2018 भले कड़कती ठंडी के साथ पूरा हुआ, लेकिन इस वर्ष के दौरान तापमान काफी ऊंचा रहने की संभावना है। वर्ल्ड मेटिरियोलाजिकल आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएसओ) ने कहा कि अल-निनो का पूरा-पूरा असर दिसंबर, 2018 से फरवरी, 2019 के बीच दिखायी देगा, ऐसी 75-80% संभावना है।
अर्थ सायन्सीज मंत्रालय के सचिव एम. राजीव ने कहा कि वर्ष की शुरूआत के साथ ही देश के अधिकांश क्षेत्रों में चल रही ठंडी के धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। तापमान सामान्य से ऊंचा रहने का अनुमान है जिसका एक कारण अल-निनो और दूसरा कारण वैश्विक आबोहवा परिवर्तन है।
अल निनो पेसिफिक समुद्र के पानी के गर्म होने के साथ जुड़ी घटना है और उससे उपमहाद्वीप के जलवायु पर असर होता है।
मेटिरियोलाजिकल डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा कि अल-निनो के वर्ष में गर्मी तथा ठंडी में सामान्य से ऊंचा तापमान दिखायी देता है। हालांकि उसका असर मानसून पर होगा या नहीं और इस वर्ष मानसून कैसा रहेगा, उसके बारे में इस समय अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
राजीव ने कहा कि अल-निनो अप्रैल-मई तक में पूरा होगा।

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