रक्षा, मरीन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कम्पोजिट्स का उपयोग करने की जरूरत : नीति आयोग

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मुंबई। भारत की रक्षा, मरीन और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की उम्दा मटीरियल की बढ़त जरूरत पूरी करने के लिए भारत को शीघ्र ही कम्पोजिट्स मटीरियल का उपयोग शुरू करने की जरूरत है, नीति आयोग के सदस्य और विख्यात वैज्ञानिक, पद्मभूषण डॉ. वी. के. सारस्वत ने उक्त बात कही। वे यहां रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक्स-आईसीईआरपी 2019 पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस एवं प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि भारत का कम्पोजिट्स उद्योग 2021 तक दो अंकीय वृद्धि दर्ज करने के लिए सुसज्ज है। यह भारत के रक्षा एवं मरीन क्षेत्र को महत्वपूर्ण कम्पोनेंट की सप्लाई द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। जिससे विशेष रूप से मेक इन इंडिया पहल के तहत क्षेत्र की देशी निर्माण क्षमताओं में वृद्धि होगी।
डॉ. सारस्वत ने उद्योग से रिसर्च एवं डेवलपमेंट और क्वालिटी में सुधार करने के लिए आक्रामक दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया।
एफआरपी द्वारा आयोजित इवेंट में 500 से अधिक ग्लोबल स्टेकधारक भारत में कम्पोजिट्स उद्योग में सुअवसरों एवं चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने हेतु हिस्सा ले रहे है। इस अवसर पर डॉ. केB. नारायण रेड्डी, चेयरमैन, एफआरपी, प्रदीप ठक्कर, चेयरमैन, आईसीईआरपी 2019, विपुल शाह, सीओओ, पेट्रोकेमिकल डिवीजन, रिलायंस इंड आदि उपस्थित रहे।

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