गुजरात की कंपनियों को उजबेकिस्तान में टेक्सटाइल क्षेत्र में दिखती संभावनाएं

वाइब्रन्ट गुजरात के लिए प्रधानमंत्री उजबेकिस्तान के प्रेसिडेंट का स्वागत करने के लिए सुसज्ज
नई दिल्ली। चीन जब संसाधनों से समृद्ध ऐसी भारत की `कनेक्ट सेन्ट्रल एशिया' नीति के समक्ष बाधाएं उत्पन्न कर रहा है तब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी पिछले चार महीने में दूसरी बार उजबेकिस्तान के प्रेसिडेंट शौकत मिर्जियोयेव का स्वागत करने के लिए सुसज्ज हुए है।
18-20 जनवरी के दौरान आयोजित होने वाले वाइब्रन्ट गुजरात बिजनेस समिट में मिर्जियोयेव मुख्य अतिथि होंगे। उजबेकिस्तान भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करना चाहता है और इसके बदले वह अपने देश में भारत के लिए विशेष रूप से आबंटित किए गए एसईजेड में निवेश के लिए भारतीय निवेशकों को आमंत्रित करना चाहते है।
गुजरात की कंपनियां उजबेकिस्तान में फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्रों में निवेश के अवसर खोज रही है क्योंकि वहां उनको व्यापक संभावनाएं प्रतीत होती है।
फार्मा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए उजबेकिस्तान के एंडिजान क्षेत्र में उजबेक-इंडियन फ्री फार्मास्युटिकल जोन भी विकसित किया जा रहा है।
गत वर्ष में मुंबई से ताशकंद के बीच सीधी फ्लाइट भी शुरू की गई है जिससे पश्चिम भारत और मध्य एशिया के बीच बिजनेस सरलता से विकसित हो सके। ईरान में चाबहार पोर्ट के मार्फत मध्य एशिया को भारत के साथ जोड़ने के लिए गुजरात अनुकूल लोकेशन के रूप में उभर रहा है। उजबेकिस्तान और कजाकस्तान ने हिन्द महासागर के क्षेत्रों और भारत तक पहुंचने के लिए इस पोर्ट के उपयोग के लिए रुचि दर्शायी है। कजकस्तान ने बिजनेस की सरलता के लिए गुजरात में कान्स्युलेट आफिस शुरू किया है।''

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