शीघ्र और इंटिग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क होंगे कार्यरत

स्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की संभावना
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। भारत सरकार को मुख्य आयातक देशों के साथ मुक्त व्यापार करार (एफटीए) और द्विपक्षी व्यापार करार निश्चित करने में शीघ्रता करनी चाहिए जिससे भारतीय सप्लायरों को लेवल प्लेइंग फिल्ड मिल सके और देश का निर्यात बढ़ सके, दी काटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल (टेक्सप्रोसिल) के चेयरमैन डॉ. के. वी. श्रीनिवासन ने उक्त बात कही। अब निकट भविष्य में अधिक संख्या में इंटिग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क कार्यरत होने की धारणा है और इससे टेक्सटाइल क्षेत्र की स्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकेगी।
केद्रीय टेक्सटाइल्स मंत्रालय ने 5 और 6 जनवरी, 2019 को नई दिल्ली में `अकम्प्लिशमेंट एंड वे फारवर्ड फार टेक्सटाइल सेक्टर' इवेन्ट का पहली बार आयोजन किया, जिसमें पिछले 4-5 वर्ष में टेक्सटाइल उद्योग की प्रगतिगाथा पर प्रकाश डाला गया। टेक्सटाइल क्षेत्र के विभिन्न विभागों में उल्लेखनीय योगदान देनेवाले 17 व्यक्तियों को `थ्रेड्स ऑफ एक्सेलेन्स अवार्ड्स' प्रदान किया गया।
भारत के उपराष्ट्रपति वेन्कैया नायडू ने आधुनिकीकरण, टेक्नोलाजिकल अपग्रेडेशन, वैल्यू एडिशन और अनुसंधान विकास पर ज्यादा ध्यान देने का आह्वान किया।
टेक्सप्रोसिल के चेयरमैन डॉ. के. वी. श्रीनिवासन ने कहा कि केद्रीय टेक्सटाइल मंत्रालय की आरओएसएल स्कीम के कारण वैल्यूएडेड प्रोडक्ट्स के उत्पादन और निर्यात पर ज्यादा ध्यान केद्रित करने का प्रोत्साहन समग्र टेक्सटाइल वैल्यूचेन को मिला है। इससे टेक्सटाइल इको-सिस्टम में और रोजगार का निर्माण हुआ है।
समग्र टेक्सटाइल वैल्यू चेन में कारोबार करने की सरलता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने हेतु भारत सरकार को और खासकर केद्रीय टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी को टेक्सप्रोसिल के चेयरमैन डॉ. केB. वी. श्रीनिवासन ने अभिनंदन का अधिकारी बताया था।

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