दूसरे चरण में 14 तेल व गैस ब्लॉक नीलामी

रु. 40 हजार करोड़ निवेश की संभावना
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से ओपन एकरेज लाइसेंस पॉलिसी (ओएएलपी) के तहत दूसरे चरण में नीलामी को लेकर पेश किए गए 14 तेल व गैस श्रेणी में 40,000 करोड़ रुपए निवेश होने की उम्मीद है।वहीं पिछले वर्ष इस पॉलिसी के तहत प्रथम चरण की तेल व गैस नीलामी में केद्र सरकार की उत्खनन में 60,000 करोड़ रुपए निवेश की प्रतिद्वता मिली थी।उस समय केद्र सरकार ने 55 ब्लॉकों की नीलामी की थी।
केद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि इसी महीने तीसरे चरण में तेल व गैस के 12 ब्लॉकों और पांच कोल-बेड मीथैन (सीबीएम) ब्लॉकों की नीलामी होगी।वहीं दूसरे चरण में नीलामी को लेकर पेश किए गए 14 ब्लॉक 29,333 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले है।इनकी बोलियां 12 मार्च 2019 तक लगाई जा सकेंगी।उल्लेखनीय है कि 2014 में एनडीए सरकार के आने के बाद से तेल व ब्लॉकों की दो चरणों में नीलामी हुई है।इसके अतिरिक्त छोटे क्षेत्रों को लेकर दो अन्य चरणों में नीलामी हो चुकी है।इससे 1.20 लाख करोड़ रुपए निवेश के प्रस्ताव मिले।केद्र सरकार ने जुलाई 2017 में कंपनियों को अपनी पसंद के तेल व गैस क्षेत्र चुनने की अनुमति दी थी ताकि 28 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले अछूते क्षेत्रों में उत्खनन हो सके।इस पॉलिसी में कंपनियों को ऐसे क्षेत्रों को लेकर अभिरुचि पत्र (ईओआइ) पेश करने की अनुमति है जहां अभी खोज या उत्पादन नहीं हो रहा है।जिसको लेकर कंपनियां कभी भी ईओआइ पेश कर सकती है।नीलामी के समय उन सभी ईओआइ को शामिल किया जाएा और किसी क्षेत्र में सबसे पहले बोली लगाने वाली कंपनी को प्राथमिकता मिलेगी।
केन्दीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि केद्र सरकार की तरफ से ओएनजीसी व आîयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) जैसी सरकारी तेल उत्खनन कंपनियों को प्राइवेट व विदेशी भागीदारों को शामिल करने की अनुमति देगी ताकि वह तेल क्षेत्रां में उत्पादन बढा सकेगी।इसके अतिरिक्त कंपनियों को कठिन उत्खनन क्षेत्रों में खोज को लेकर विशेष इंसंटिव भी दिया जाएगा।ऐसे में इस पॉलिसी के तहत दूसरे चरण में नीलामी की शुरुआत के समय ओएनजीसी और ओआइएल को इस बात की आजादी होगी कि वह कौन से तेल क्षेत्र अपने पास रखना चाहती है।उन्हें भागीदार को शामिल करने की भी अनुमति होगी।यह बदलाव सरकार के पिछले फैसले के विपरीत है। 2017 में ओएनजीसी के 11 और ओआइएल के चार क्षेत्रों की हिस्सेदारी विदेशी और निजी कंपनियों को दी जाए।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer