हिन्दुस्तान चेम्बर की प्रोफेशन टैक्स समाप्त करने की मांग

हिन्दुस्तान चेम्बर की प्रोफेशन टैक्स समाप्त करने की मांग
मुंबई। हिन्दुस्तान चेम्बर आफ कामर्स ने महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार को पत्र भेजकर प्रोफेशनल टैक्स समाप्त करने की मांग की है।
महाराष्ट्र सरकार ने 1975 में प्रोफेशन टैक्स लागू किया जिसके अंतर्गत संस्थानों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया। इसके अनुसार फर्म़ों, प्रोप्रायटर, पार्टनर आदि को इनरोलमेंट कराना तथा कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर सरकार के खजाने में जमा कराना होता है।
जुलाई 2017 से पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया जिसके पश्चात करीब 18 टैक्स समाप्त कर दिये लेकिन प्रोफेशन टैक्स एक्ट अभी भी लागू है। यह टैक्स महाराष्ट्र के अलावा सिर्फ 1-2 राज्यों में ही लागू है। जैसे आपने ऑक्ट्राय समाप्त किया एवं शाप्स एस्टाब्लीशमेन्ट एक्ट में 9 कर्मचारियों तक फीस से छूट दी है इसी तरह प्रोफेशन टैक्स को भी समाप्त किया जाय। व्यक्ति, फर्म, प्रोप्रायटर सभी इन्कम टैक्स भरते हø तो फिर यह टैक्स अलग से क्यों लागू रखकर वेतन भोगियों व व्यवसायियों पर अतिरिक्त भार लादा जा रहा है।
व्यवसायियों को आनलाइन रजिस्ट्रेशन, पेमेन्ट एवं वार्षिक रिटर्न भरने का अतिरिक्त कार्य बढ़ रहा है। समय पर प्रोफेशन टैक्स एवं रिटर्न न भरने पर पेनाल्टी लगती है। अत: चेम्बर आप से अनुरोध करता है कि महाराष्ट्र सरकार के 2019-20 के बजट में इस एक्ट के प्रावधान को समाप्त कर आम जनता को राहत प्रदान करें।
इन दिनों प्रोफेशन टैक्स विभाग के इंस्पेक्टर सभी मार्केट एरिया में जाकर व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए नोटिस दे रहे हø अन्यथा कार्यवाही की बात की जा रही है। इससे इंस्पेक्टर राज बढ़ेगा।
सरकार इंस्पेक्टर राज समाप्त करने के पक्ष में हमेशा रही है। अत: हम आपसे पुन: अनुरोध करते हø कि आगामी वित्तीय वर्ष 2019-20 से प्रोफेशन टैक्स एक्ट को समाप्त किया जाय।
 

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