उत्तर भारत में तेज बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलें प्रभावित

उत्तर भारत में तेज बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलें प्रभावित
चना, सरसों, आलू व गन्ने को नुकसान की आशंका
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । पिछले दिनों उत्तर भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई थी।जिससे रबी फसलों में मुख्य रुप से खेतों में खड़ी चना,सरसों व सब्जियों जैसी फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ गई है।जिसको लेकर यह समाचार लिखे जाने तक यह तस्वीर स्पष्ट रुप से उभरकर नहीं आई थी कि आखिरकार रबी फसलों को कितना नुकसान हुआ है।बहरहाल अगले सप्ताह तक रबी फसलों को कितना नुकसान हुआ है जिसका सटीक आंकड़ा सामने आने के आसार नजर आ रहे हø।ऐसे  ताजा हालत में किसानों को अवश्य परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल पिछले दिनों पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय रहने के चलते उत्तर भारत के पंजाब,हरियाणा,पश्चिमी उत्तर प्रदेश व राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई थी।जिससे उत्तर भारत में खेतों में खड़ी फसलों में मुख्य रुप से चना,सरसों, आलू जैसी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।जिसके तहत खेतों में पानी भरने से आलू की फसल में सड़न की आशंका बढ गई है।जिससे आलू की फसल को अधिक नुकसान पहुंचेगा।हालांकि गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है।बहरहाल अभी तक की बारिश से गेहूं की फसल को उलटे लाभ पहुंचा है बहरहाल आगे और बारिश होने पर गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है।यद्यपि बारिश व ओलावृष्टि को राज्य सरकारों की तरफ से रबी फसलो ंके नुकसान के आकलन को लेकर सुगबुगाहट तेज कर दी है और आला अधिकारियों को रबी फसलों को हुए नुकसान का सटीक जानकारी देने को कहा गया है ताकि किसानों को समय रहते क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा दिलाया जा सकेगा।ऐसे में ताजा बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को कितना नुकसान हुआ है जिसका अभी तक कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन कृषि विशेषज्ञों की तरफ से स्पष्ट रुप से कहा जा रहा है कि ताजा बारिश व आलावृष्टि से रबी फसलों को कुछ ने कुछ नुकसान अवश्य  हुआ है।ऐसे में देखना यह होगा कि आखिरकार रबी फासलों को कितना नुकसान हुआ है जिसको लेकर राज्य सरकार  की तरफ से इसके आकलन का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हø और देखो और इंतजार करो की नीति अख्तियार किए हुए हø।जिससे कि समय पर किसानों को नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।जिससे किसानों के सिर पर विशेष बोझा नहीं पड़ेगा।इधर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ,मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, हापुड़, बिजनौर आदि क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि होने से चना,सरसों,दलहनू,आलू सहित गन्ने की फसलों को नुकसान होने की आशंका है।जिसको लेकर उत्तर प्रदेश के मोदीपूरम कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष ने कहा कि तेज हवाओं क zसाथ बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के समक्ष परेशानी बढ गई है।बहरहाल अभी तक की बारिश से गेहूं फसल को उलटे लाभ होगा।बहरहाल आगे और अधिक बारिश होने पर नुकसान भी हो सकता है।इसके अतिरिक्त सरसों,चना,आलू जैसी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।ऐसे में आलू व सरसों की उपज में 10/15 प्रतिशत तक की कमी होगी।ावहीं हरियाणा में करनाल स्थित केद्रीय मृदा लवणता अनुसंद्राान संस्थान की तरफ से कहा गया है कि इस बारिश का दौर आगे भी रह सकता है।वहीं पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग की डॉ.के.के.गिल ने कहा कि पंजाब के कई हिस्सों से गेहूं में येला रेस्ट बीमारी लगने की सूचना आ रही थी।ऐसे में ताजा बारिश से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

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