कपड़ा-परिधान उत्पादन व निर्यात पर टैक्स समाप्त करने की कवायद

कपड़ा-परिधान उत्पादन व निर्यात पर टैक्स समाप्त करने की कवायद
रोजगार के मौके बढ़ाने का पूरजोर प्रयास
कपड़ा में टैक्स मुक्त करने व सस्ते ऋण की सुविधा की जाए बहाल 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से कपड़ा क्षेत्रों में रोजगार के मौके बढाने को लेकर भारी राहत देने की तैयारी कर रही है।जिसको लेकर केद्रीय कपड़ा मंत्रालय की तरफ से कपड़ा व परिधान उत्पादन व निर्यात पर टैक्स समाप्त करने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है।जिस प्रस्ताव को लेकर कहा जा रहा है कि केद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से अनुमति दी जा चुकी है।जिसको लेकर देश के अग्रणी कपड़ा उद्यमियों की तरफ से कहा जा रहा है कि कपड़ा क्षेत्रों में जॉबवर्क पर टैक्स मुक्त किया जाए और कपड़ा उद्योग को सस्ती ऋण सुविधा अविलम्ब बहाल किया जाए ताकि कपड़ा उद्योग में विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।जिससे ही सही मायने में कपड़ा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे। 
दरअसल केद्रीय कपड़ा मंत्रालय की तरफ से नए प्रस्ताव के इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी को लेकर भेज भी दिया है।जिसे चालू माह के अंत तक कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।ऐसे में इस प्रस्ताव के पास होने के बाद केद्र और राज्य सरकारों की तरफ से कपड़ा-परिधान के उत्पादन पर लगने वाले टैक्स को समाप्त कर दिए जाएंगे।चूंकि केद्र सरकार की तरफ से इस प्रस्ताविक नई योजना के तहत घरेलू कपड़ा व परिधान उद्योग को बढावा देने को लेकर यह कदम उठाने पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।ऐसे में केद्र सरकार को उम्मीद है कि इससे कपड़ा क्षेत्र में न सिर्फ रोजगार के बेहतर मौके बढेंगे बल्कि कपड़ा व परिधान के निर्यात को भी विशेष रुप से बढावा मिलेगा।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से नई स्कीम में घरेलू बाजार में कपड़ा व परिधान के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को भी समाप्त करने पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।ऐसे में ऐसा होने पर कपड़ा व परिधान निर्यात को लेकर वैश्विक बाजार में भारत की भागीदारी विशेष रुप से बढेगी जिससे स्वभाविक है कि भारत की विदेशी मुद्रा में भी व्यापक रुप से बढोतरी हो सकेगी।ऐसे में निर्यात के मोर्चे पर मौजूदा दौर मे मिल रही कई तरह की छूट की अवधि 31 मार्च 2019 को समाप्त हो रही है जिसे आगे बढाने पर अब  गंभीरता पूर्वक विचार किया जा रहा है।जिसके तहत घरेलू कपड़ा उद्योग को अभी परिधान के निर्यात पर 5.3 प्रतिशत की छूट मिलती है।वहीं एमईआईएस के तहत 4 प्रतिशत की छूट भी मिलती है।ऐसे में केद्र सरकार के राजस्व पर इस नई योजना का जो भी असर पड़ेगा वह उस मोर्चे पर होने वाले फायदों से पूरा किया जा सकेगा।वहीं अभी भी अलग अलग राज्यों में कपड़ा क्षेत्रों को मिली छूट और इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से काफी छूट मिल रही है।ऐसे में केद्र सरकार की कोशिश यह है कि इस नई स्कीम के माध्यम से कर ढांचा को अधिक सरल बनाने की कोशिश करना है।जिसको लेकर केद्र सरकार का यह कदम कपड़ा क्षेत्र को लेकर विशेष राहत भरा होगा।जिससे स्वभाविक है कि कपड़ा व परिधान क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे जो कि देश हित में बेहद आवश्यक भी है।
ऐसे प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाए जाने से पहले दिल्ली के गांधीनगर स्थित कैलाशनगर की प्रतिष्ठित कारोबारी प्रतिष्ठान जे.के.जैन स्पार्की (इंडिया) एलएलपी के चेयरमैन श्री जे.के.जैन ने बताया कि आए दिन जैसा कि चर्चा है कि कपड़ा क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के उत्पादन पर लगने वाले टैक्स घटाई जाएगी।जिसको लेकर उन्होंने केद्र सरकार से गुजारिश की है कि यदि कपड़ा क्षेत्र में जॉब वर्क पर जो 5 प्रतिशत टैक्स आरोपित है जिसको समाप्त किया जाए जिससे केद्र सरकार को राजस्व का भी कोई नुकसान नहीं होगा।जिससे देश के प्रमुख कपड़ा उत्पादन केद्रों पर कार्यरत कपड़ा क्षेत्रों की एमएसएमई इकाइयों को विशेष रुप से फायदा होगा।जिससे केद्र सरकार की इस पहल से कपड़ा क्षेत्रों की एमएसएमई इकाइयों में विशेष साख बढेगी।वहीं मुम्बई की लोकप्रिय नवसारी कॉटन मिल्स के निदेशक श्री सूभाष जैन ने बताया कि कपड़ा उद्योग में कार्यशील पूंजी की भारी कमी है जिससे कपड़ा क्षेत्रों में विकास की गति धीमी है।ऐसे में उन्होंने केन्द सरकार से आग्रह किया है कि कपड़ा उद्यमी को नई मशीन और कपड़ा उत्पादन के विस्तारीकरण को लेकर बेंकों से सस्ते ऋण की सुविधा अविलम्ब मुहैया कराई जाए ताकि कपड़ा क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।वहीं मध्य प्रदेश के बुनहारपुर की सावित्री टेक्सटाइल्स के निदेशक श्री रमेश दीक्षित ने बताया कि कपड़ा क्षेत्र की एमएसएमई इकाइयों को जॉबवर्क से संबंधित तमाम जानकारी मांगी जा रही है जो कि काफी जटिल प्रक्रिया है।जिसको सरल करने की बेहद आवश्यकता है।वहीं इन लघ्ì कपड़ा इकाइयों को जीएसटी की तिमाही रिटर्न की सुविधा सुनिश्चित की जाए ताकि कपड़ा की उत्पादन प्रक्रिया सुचारु पूर्वक चलायमान हो सकेगी। 

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer