यूरोप व अमेरिका के चुनिंदा देशों में कृषि निर्यात बढ़ाने पर फोकस

कृषि उत्पादों के परिवहन व विपणन हेतु वित्तीय सहायता देने की योजना
रमाकांत चौधरी
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से 5 मार्च 2019 को यूरोप और उत्तरी अमेरिका के चुनिंदा देशों में कृषि जिंसों के निर्यात को बढावा देने को लेकर कृषि उत्पादों के ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग को लेकर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना पेश की है।जिसके तहत ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग सहायता (टीएमए) योजना के तहत केद्र सरकार की तरफ से माल ढुलाई प्रभाव के एक निश्चित हिस्से की प्रतिपूर्ति करेगी और कृषि उपज के विपणन में सहायता प्रदान करेगी।इस योजना के तहत हवाई मार्ग के साथ साथ समुद्री (सामान्य और शीत भंडारण के उत्पादन भंडारण) रास्ते से होने वाले निर्यात को लेकर माल ढलाई और विपणन कार्य में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दरअसल केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि टीएमए के तहत सहायता सीधे बøक खाते में नगद भुगतान के माध्यम से भाड़े के एक अंश के रुप में प्रदान की जाएगी।ऐसी स्थिति में एक तरफ लादान पर भाड़ा मुक्त (एफओबी) आधार पर आपूर्ति की गई और दूसरी तरफ भारतीय निर्यातकों ने माल भाड़ा का भुगतान नहीं किया है ऐसा भाड़ा योजना में कवर नहीं किया जाएगा।यह योजना समय समय पर बताई गई अवधि को लेकर लागू होगी।जिसके तहत यह पहली मार्च 2019 से लेकर मार्च 2020 तक किए गए निर्यात को लेकर उपलब्ध होगा।जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों को लेकर वित्तीय सहायता का स्तर अलग अलग होगा और सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज (ईडीआई) बंदरगाहों के माध्यम से किए गए निर्यात को लेकर ही स्वीकार्य होगा।इस योजना का स्वागत करते हुए व्यापार से संबंधित विशेषज्ञों की तरफ से कहा गया है कि इस निर्णय से भारत से कृषि निर्यात को बढावा देने में मदद मिलेगी।केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि समुद्री मार्ग के माध्यम से दक्षिण अमेरिका को शीत भंडारित नौवहन को लेकर 31,500 रुपए टन की उच्च्तम प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।जिसके बाद उत्तरी अमेरिका को लेकर 28,700 रुपए,ओशिनिया को लेकर 24,500 रुपए प्रति टन दिए जाएंगे जिस मार्ग में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलøड भी शामिल होंगे।यद्यपि सामान्य कंटेनर के मामले में यह राशि अलग होगी।  

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