पहली अप्रैल से मिलेगा जीएसटी पंजीकरण छूट की बढ़ी सीमा का लाभ

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से छोटे काररोबारियों को लेकर जीएसटी में पंजीकरण से छूट को लेकर वार्षिक कारोबार की सीमा बढाकर 40 लाख रुपए किए जाने के निर्णय को 7 मार्च 2019 को अधिसूचित किया गया।जिसके तहत यह छूट पहली अप्रैल 2019 से लागू होगी।इससे छोटे व मझौले उद्यम को लाभ होगा।इसके अतिरिक्त 1.5 करोड़ रुपए तक का कारोबार करने वाली इकाइयों को एक मुश्त कर (कंपोजिशन) की योजना भी पहली अप्रैल 2019 से लागू होगी।इसके अतिरिक्त सेवा प्रदाता तथा गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के आपूर्तिकर्ता जीएसटी की एक मुश्त योजना का विकल्प अपनाने को लेकर पात्र है और 6 प्रतिशत की दर से अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से दे सकते है।बहरहाल उसका लेकर उन्हें इनपुट कर का लाभ नहीं मिलेगा।जिसको लेकर केद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने 10 जनवरी 2019 को यह निर्णय किए थे।जिस जीएसटी काउंसिल में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल है ।जिसको लेकर केद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान में कहा गया है कि यह निर्णय पहली अप्रैल 2019 से प्रभावी होंगे।उन्होंने अपने बयान में कहा है कि वस्तुओं की आपूर्तिकताओं को लेकर जीएसटी के तहत पंजीकरण और भुगतान से छूट को लेकर दो सीमा है।जिसके तहत एक सीमा 40 लाख रुपए और दूसरी सीमा 20 लाख रुपए है।जिसके तहत राज्यों के पास एक सीमा अपनाने का विकल्प है।जिसमें सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण को लेकर सीमा 20 लाख रुपए तथा विशेष श्रेणी वाले राज्यों के मामले मे सीमा 10 लाख रुपए है।इसके साथ ही जीएसटी एक मुश्त योजना के तहत अब 1.5 करोड़ रुपए के कारोबार वाले कारोबारी आएंगे जबकि अब तक यह सीमा एक करोड़ रुपए थी।जिसके तहत कारोबारियों को एक प्रतिशत कर देना होता है।यह पहली अप्रैल से प्रभावी होगा।   

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