सोना पार कर सकता है 1400 डालर का स्तर

आर्थिक अनिश्चितता और ब्याज दर की असमंजसता 
हमारे संवाददाता
शेयर बाजार में निकली मांग, मजबूत डॉलर, अमेरिकी बांड के बढ़ते यील्ड और 1350 डॉलर प्रति आøस (31.1035 ग्राम) के भाव को बाजार द्वारा हर बार नकारने की घटना ने सोना में मुनाफा वसूली का आकर्षण पैदा किया है। प्रोफिट बुकिंग और कमजोर मौसमी मांग की वजह से पिछले दो सप्ताह में भाव 4.1 प्रतिशत घटे है। अस्तव्यस्त वित्तीय नीति और आर्थिक मोरचे पर अनिश्चितता का माहौल देखते वर्तमान नकारात्मक सेंटिमेंट साल के अंत तक में सकारात्मक रहने की संभावना कुछ घट नहीं गई है। घटे हुए भाव पर भारत, चीन और दुबई ज्वेलर्स की दुकानों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। 
भारत के डीलरों आधिकारिक घरेलू भाव के सामने हाल में जागतिक घटे भाव से भी दो से तीन डॉलर का डिस्काउंट ऑफर करते है, जो पिछले सप्ताह 6 डॉलर का था। विश्व के सबसे बड़े उपभोक्ता चीन में तो प्रीमियम पिछले सप्ताह के 7 से 10 डॉलर के सामने आज 8 से 11 डॉलर जितना था, बेशक वहा इस भाव पर मांग कमजोर थी। विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक अनिश्चितता और ब्याजदर के बारे में फैल रही असमंजसता से सोना के मौजूदा भाव 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1400 डॉलर की ऊंचाई पार कर सकता है। दो सप्ताह पहले गोल्ड गुरूएं कहते थे कि इस साल के अंत में सोना के भाव 1500 या 1600 डॉलर हो जाएंगे। लेकिन भाव, बाजार के सेंटिमेंट को इस प्रकार हिला देगा, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। अब बाजार में ऐसे संकेत मिलने लगे है कि सोना में दाखिल हुए तेजड़ियों की संख्या पिछले आठ दिनों में ही 90 प्रतिशत से घटकर 55 प्रतिशत तक पहुँच गई है। 
क्या इस घबराहट भरी बिकवाली का समय है? हम 2018 के ऊंचे भाव फिरसे देख सकेंगे? या फिर बाजार पर कब्जा कर ने के लिए सटोरियों सक्रिय हो गए है। बाजार को तंदुरस्त बनाने के लिए कमजोर दिल के तेजड़ियों-मंदड़ियों को बाजार में दूर करना चाहते है? आईए हम बाजार को अधिक नजदीक से समझने का प्रयास करते है। भारत में इस सप्ताह, नीचे भाव और डिस्काउंट का लाभ लेने के लिए सोना की मांग बढ़ी है। जबकि एशिया के कुछ उपभोक्ता ऊंचे भाव पर बेचकर करेक्शन के वक्त भाव नीचे आएंगे उस समय खरीदने की फिराक में लगे है। गोल्ड ईटीएफ एसपीडीआर ट्रस्ट में से पिछले शुक्रवार को होल्डिंग, 1.5 प्रतिशत घटकर 772.46 टन हुआ था। सोमवार को नायमेक्स गोल्ड वायदा एक महीने की बॉटम 1288.75 डॉलर को छू गया था। 
परंपरागत रूप से भारत में लग्नसरा की मांग खत्म होते ही और चीन में ल्यूनार नए साल के उत्सव के बाद सोना की मांग कमजोर हो जाती है। इसके अलावा भाव जब-जब 1340 और 1350 डॉलर के मजबूत रेसिस्टेंस ऊंचाई सर करता है तब-तब बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। हाल ही में भारत, अमेरिका, चीन, यूरोप, जपान जैसे देशों की सेंट्रल बकों की पॉलीसी बैठकों में लिए गए निर्णयों ने बाजार को अस्थिर करने का काम किया है, जिसने निवेशकों को ब्याज बगैर के सोना में निवेश करने के लिए आकर्षित किया है। पिछले साल सोना के भाव 11 अप्रैल को 1390.70 डॉलर की ऊंचाई पर पहुँचे थे, लेकिन वहाँ से पिछेहट शुरू होकर 15 अगस्त को 1182.75 डॉलर की बॉटम बनाई थी। 

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