गेहूं बाजार में मंदड़ियों की पकड़ मजबूत

एक सप्ताह में भाव 8.3 प्रतिशत लुढ़के
सर्दियों की सुषुप्तावस्था (निष्क्रियता) से जागृत हुए मंदौड़ियों अब गेहूं बाजार में हावी होने लगे है। एक ओर फ्रांस, पूर्व यूरोप और रूस के किसानों ने ऊंचे भाव का लाभ लेने के लिए उत्सुक है, लेकिन पशुचारा बायर्स मक्का और जौ जैसे सस्ते अनाज की ओर चले जाने से, इस साल अब तक में गेहूं के भाव 10 प्रतिशत घटे है। पिछले एक ही सप्ताह में भाव 8.3 प्रतिशत लुढ़के है, यह गिरावट अगस्त 2018 के बाद पहली बार देखने मिली है। अमेरिकी आपूर्ति की मांग के बारे में बढ़ी चिंताओं के बाद वैश्विक बाजार में गेहूं की बिक्री करने के लिए व्यापक प्रतिस्पर्धा पैदा होने से पिछले लगातार पांच ट्रेडिंग सत्रों में भाव घटे थे। शुक्रवार को शिकागो गेहूं मई वायदा घटकर 4.41 डॉलर प्रति ब्रुशेल (25.216 किलो) सीजन लॉ हुआ था। 
2018 सीजन में गेहूं उत्पादन के आशावादी अनुमान और रूस फसल के अत्यधिक सानुकूल मौसम से मंदौड़ियों गैल में आ गए हैं। मार्च/अप्रैल डिलिवरी के रूसी मिलींग गेहूं के फॉरवर्ड सौदे एक ही सप्ताह में चार डॉलर और दो सप्ताह में 10 डॉलर एफओबी की गिरावट के साथ कोट हुए थे। यूरोपीय गेहूं भी शुक्रवार को लगातार घटकर 7 महीने के तल पर बैठ गए थे। व्यापारियों का कहना है कि व्यापक आपूर्ति, ऊडाऊड बिकवाली और टेक्निकल सॉल-ऑफ, इन सभी तत्त्वों ने साथ मिलकर पिछले सप्ताह भाव में 4.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करवाई थी। पेरिस स्थित यूरो नेक्स्ट एक्सचेंज में मार्च मिलींग गेहूं वायदा प्रति टन 185.50 यूरो बंद होने से पूर्व 12 जुलाई 2018 के बाद की बॉटम 185 यूरो कोट हुए थे। 
यूरो नेक्स्ट पर वायदा पिछले महीने भी 10 प्रतिशत लुढ़का था। पशुचारा के लिए उपभोक्ताओं अन्य सस्ते अनाज की ओर चले जाने से 2018-19 में गेहूं की मांग 6 साल में सबसे कमजोर रहने की संभावना है। बेशक, मौसम में पतिवर्तन आएगा तो आने वाले दिनों में गेहूं बाजार में भारी उथुलपुथुल देखने की संभावना भी इतनी ही उज्ज्वल है। एग्री बिजनेस के सबसे बड़े ऋणदाता राबोबैंक के नवीनतम कृषि कमोडिटी रिपोर्ट में कहा गया है कि, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में सामान्य से अधिक गर्म मौसम का पूर्वानुमान हो रहा है, हम जमीन में जमा वर्तमान नमी के वाष्पीकरण को देख रहे हैं। फ्रांस के हाजिर गेहूं के एक व्यापारी का कहना है कि बाजार ने फंडामेंटल की नब्ज बराबर की पहचान कर ली गई है, लेकिन भाव इतने गति से घटेंगे, ऐसा हम नहीं मानते थे। 
अमेरिका में इस साल एक सदी की सबसे कम बोआई और विश्व को हाई प्रोटीन गेहूं प्रदान करते ऑस्ट्रेलिया में सूखे की स्थिति के बावजूद, 2019 में अब तक में कमोडिटी के सबसे अधिक भाव घटे होंगे तो वह है गेहूं के। चीन अपने किसानों को ऊंचे भाव मिले उसके लिए अधिकतम सब्सिडी दे रहा है, ऐसा अमेरिका की फरियाद का फैसला वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन ने पिछले गुरुवार को अमेरिका के पक्ष में दिया था। चीन डबल्यूटीओ की सीमा से अधिक सब्सिडी अपने किसानों को देता है, ऐसा फैसले में स्पष्ट कर दिया था। 

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