निर्यातकों को राहत देने हेतु नई कार्य योजना तैयार

निर्यातकों को राहत देने हेतु नई कार्य योजना तैयार
जीएसटी के अतिरिक्त अन्य अप्रत्यक्ष करों का रिफंड ले सकेंगे निर्यातक
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के अतिरिक्त अन्य अप्रत्यक्ष करों का रिफंड भी कपड़ा निर्यातक ले सकेंगे।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से कपड़ा निर्यातकों को राहत देने को लेकर एक नई कार्य योजना तैयार कर रही है जिसका अमलीजामा पहनाए जाने पर इलेक्ट्रसिटी ड्य़ूटी,फ्यूल पर वैट और स्टाम्प ड्य़ूटी जैसे अप्रत्यक्ष करों का रिफंड मिल सकेगा।उल्लेखनीय है कि कपड़ा निर्यातकों को इस समय इन करों का रिफंड नहीं मिल रहा है।
दरअसल केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से कपड़ा निर्यातकों को लेकर नई कार्य योजना के मसौदा को तैयार किया गया  है जिसे केद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के पास भेजा है।जिसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआइएस) की समीक्षा को लेकर एक समिति का गठन किया है जिसको लेकर 6 मार्च 2019 को एक बैठक नई दिल्ली में हुई थी जिसमें इस योजना के मसौदे पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।जिसको लेकर इस समिति की अब तक दो बैठकें हो चुकी है।इस नई कार्य योजना विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुरुप होगी।नई स्कीम के अमलीजामा पहनाए जाने पर कपड़ा निर्यातकों को इलेक्ट्रिसिटी डय़ूटी,पेट्रोल व डीजल जैसे इúधन पर लगने वाले वैट,स्टाम्प डय़ूटी और प्रॉपर्टी टैक्स जैसे अप्रत्यक्ष कर का रिफंड मिल सकेगा।इस समय इन करों का रिफंड नहीं मिल रहा है।ऐसे में मौजूदा व्यवस्था में निर्यातकों को सिर्फ जीएसटी का ही रिफंड मिलता है।जिसके चलते निर्यातकों की लागत बढ जाती है।जिससे विश्व बाजार में भारतीय कपड़ा व परिधान उत्पाद महंगे हो जाते है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से इस नई कार्य योजना पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है।जिसके तहत इन करों का रिफंड निर्यात की कुल राशि के तीन से पांच प्रतिशत के बराबर मिलेगा।यह रिफंड वास्तविक दर पर मिलेगा।यद्यपि इसको लेकर इसकी सीमा निर्धारित होगी।जिस रिफंड को चार्टर्ड अकाउंटेंट सर्टिफिकेट के आधार पर दिया जाएगा।जिसको लेकर इस नई कार्ययोजना को टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों को लेकर लागू किए जाने की उम्मीद है।हालांकि इस समय गारमेंट निर्यातकों को आरओएलएल यानि रिबेट ऑफ स्टेट लेवीज योजना के रुप में इस तरह की सुविधा मिल रही है।ऐसे में बजटीय आवंटन के आधार पर इसकी सुविधा अन्य क्षेत्रों को चरणबद्व् तरीके से दी जाएगी।ऐसे में कहा जा रहा है कि केद्र सरकार की तरफ से शीघ्र ही निर्यातकों को राहत देने को लेकर यह योजना शुरु कर सकती है।

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