चीन में भारतीय रुई की मांग बढ़ी

चीन में भारतीय रुई की मांग बढ़ी
मुंबई। विशेष रूप से ऐसे समय में चीन की मांग में वृद्धि दिखायी दी है, जब भारत-पाक के बीच तनाव के कारण पाकिस्तान को निर्यात रुक गया है। व्यापार अनुमान के अनुसार, भारतीय व्यापारियों को आगामी दो महीने में चीन को 5 लाख गांठ रुई का निर्यात करने का कांट्रैक्ट मिला है।
काटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अध्यक्ष अतुल गणात्रा ने कहा कि यद्यपि कुछ महीनों तक पाकिस्तान के साथ कोई व्यापार नहीं होगा, फिरभी बांग्लादेश, चीन, विएतनाम, इंडोनेशिया आदि जैसे देशों की भारतीय रुई की अच्छी निर्यात मांग है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह के दौरान भारतीय निर्यातकों द्वारा मार्च-अप्रैल शिपमेंट के लिए चीन को 4/5 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलो) की बिक्री की गई है। इस समय 78/79 सेन्ट पर चीन की जोरदार मांग है।
यूएस एवं चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक रुई बाजार में अनिश्चितता है।
सीएआई का अनुमान है कि 2018-19 सीजन में निर्यात 27% घटकर 50 लाख गांठ रहने का अनुमान है जबकि गत वर्ष में 69 लाख गांठ का निर्यात हुआ था। फरवरी 2019 तक भारत का कुल रुई निर्यात शिपमेंट लगभग 32 लाख गांठ हुआ है।
गणात्रा ने कहा कि भारत पाकिस्तान 6.5 लाख गांठ रुई का निर्यात कर चुका है, जो भारत के रुई निर्यात का 10% है। व्यापारी पाकिस्तान को अन्य 4-5 लाख गांठ का निर्यात होने की उम्मीद कर रहे है। अन्य देशों की मांग बढ़ने से पाकिस्तान के साथ व्यापार के नुकसान की क्षतिपूर्ति होने की संभावना है।
सीएआई ने जनवरी के लिए भारत के रुई उत्पादन का अनुमान 335 लाख गांठ से 1.5% कम कर 330 लाख गांठ किया है।

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