हथकरघा व हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं हो रही सशक्त

हथकरघा व हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं हो रही सशक्त
कपड़ा मंत्रालय की महिला सशक्तिकरण योजनाएं फलीफूल
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्रीय कपड़ा मंत्रालय की तरफ से ऐसी अनेकों योजनाएं बनाई गई है।जिसके तहत हथकरघा व हस्तशिल्प क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं सशक्त हों रही है।जिससे इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के समक्ष सम्पन्नता आ रही है और उनके परिवारों का माली हालत दुरुस्त हो गई है।
दरअसल तीसरी हथकरघा गणना 2009-10 के तहत देश भर में लगभग 43.31 लाख हथकरघा बुनकर एवं सहायक कामगार है।जिनमें से 77 प्रतिशत  बुनकर एवं सहायक कामगार महिलाएं हø जो कि बुनाई एवं संबंधित कार्य़ों से जुड़ी हुई है और अपने अपने परिवारों को लेकर आय अर्जित कर रही है।जिसके तहत चार योजनाओं का लाभ महिला बुनकारों व कामकारों को पहुंच रहा है।जिसमें राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तर के कलस्टर,हथकरघा से संबंधित विपणन सहायता,रियायती ऋण व बुनकर मुद्रा योजना सहित हथकरघा बुनकर व्यापक कल्याण योजना,धागा आपूर्ति योजना और व्यापक हथकरघा कलस्टर विकास योजना से महिलाएं लाभान्वित हो रही है।ऐसे में राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत वर्कशेड के निर्माण को लेकर एससी,एसटी,बीपीएल और महिला बुनकरों को 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।जिसको लेकर राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तर पर कलस्टर घटक के तहत पिछले तीन वर्ष़ों चालू वर्ष यानि 2015-16 से लेकर 2018-19 तक में ब्लॉक स्तर के 412 कलस्टरों को मंजूरी दी गई है।जिससे 1,71,822 महिला लाभाथियों को कवर किया गया है।वहीं एनआईओएस और इग्नू पाठय़क्रमें के तहत नामांकण को लेकर एससी,एसटी,बीपीएल और महिला बुनकरों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।वहीं हस्तशिल्प क्षेत्र के तहत देश भर में 7 मिलियन शिल्पकार हøì।जिन्हें पहचान पहल के तहत आईडी कार्ड जारी करने को लेकर लगभग 25 लाख शिल्पकारों की पहचान की गई है और अब तक 19.97 लाख आईडी कार्ड जारी किए जा चुके है जिनमें 56.07 प्रतिशत महिला शिल्पकार है।

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