सर्वप्रथम ज्वेलरी पार्क का शिलारोपण नवी मुंबई में झवेरी बाजार

सर्वप्रथम ज्वेलरी पार्क का शिलारोपण नवी मुंबई में झवेरी बाजार
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। वर्ष़ों पहले झवेरी बाजार से हीरा व्यवसाय का पहला पंचरत्न और उसके बाद के वर्ष़ों में बांद्रा-कुर्ला काम्पलेक्स में स्थान्तरण किया है। इसके बाद अब सोना-चांदी का व्यवसाय नवी मुंबई में स्थान्तरण करने का चक्र गतिमान हो गया है। नवी मुंबई में देश का सर्वप्रथम ज्वेलरी पार्क शुरू होने वाला है और वहां यह व्यवसाय ले जाने से शीघ्र ही झवेरी बाजार भूतकाल बन जाएगा। झवेरी बाजार को नवी मुंबई में स्थान्तरित किया जाय तो व्यापारियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा, उसके लिए सरकार ने सभी ध्यान रखा है। हालांकि इस संदर्भ में व्यापारियों की प्रतिक्रिया आना बाकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रिटिश जमाने से मुंबई किसान जग प्रसिद्ध झवेरी बाजार ढाई वर्ष में ही नवी मुंबई में स्थात्रीत होने वाला है। इस बाजार में वर्ष में अरबों रुपये का टर्नओवर होता है।
कालबा देवी परिसर में 18वीं सदी से चल रहे है इस बाजार में 65 प्रतिशत सोने का व्यापार होता है, लेकिन कुछ ही वर्ष़ों में यह झवेरी बाजार भूतकाल बन जाएगा।
यह बाजार मुंबई की औद्योगिक वस्ती में स्थान्तरित होने वाला है जहां सोना, चांदी, हीरा का व्यवसाय स्थान्तरित होने वाला भविष्य में झवेरी बाजार में छोटे-मोटे ही काम होंगे ऐसा प्रतीत हो रहा है।
मुंबई ज्वेलर्स एसो. के अध्यक्ष अशोक जैन के अनुसार आभूषण बनाने के कारखाने व्यापारियों के आफिस नवी मुंबई जाएंगे। सभी मुख्य व्यवहार जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काøसिल द्वारा विकसित किए गए नवी मुंबई के ज्वेलरी पार्क में होगा।
झवेरी बाजार में लगभग 64 मकान ऐसे है जहां आभूषण बनाने का काम होता है उसमें से अधिकांशत: मकानों की हालत जर्जरित है। अब नवी मुंबई में कारखाना शिफ्ट होने से उन्हें राहत मिलेगी।
झवेरी बाजार में सोना-चांदी-हीरा का व्यापार चलता है जिसके कारण एक छत के नीचे इंडिया ज्वेलरी पार्क के माध्यम से चलेगा। 14467 करोड़ रु. निवेश इस प्रकल्प में किया जाएगा जिसे लेकर 41467 करोड़ रु. का टर्नओवर होने की धारणा है। चीन से शेनजेन माडल के अनुसार यह पार्क विकसित किया जाएगा।
देश की अर्थव्यवस्था में भारत में ज्वेलरी उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और 2025 तक इसका निर्यात 75 अरब डालर को पार कर जाएगा ऐसी जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल ही में नवी मुंबई में राष्ट्र के सर्वप्रथम 21 एकड़ में तैयार होने वाले ज्वेलरी पार्क के शिलारोपण की विधि पूरी की।
भारतीय ज्वेलरी उद्योग का जीडीपी में 7% और जींसों के निर्यात में 14% हिस्सा है। जबकि 50 लाख नागरिकों को प्रत्यक्षरूप से रोजगार प्रदान करता है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण की जरूरत है। ज्वेलरी उद्योग का इस समय वार्षिक निर्यात 42 अरब डालर है और 2025 तक 75 अरब डालर का लक्ष्य हासिल करने में यह उद्योग सक्षम है। ज्वेलरी पार्क को-आपरेटिव हाउसिंग माडल्स के स्तर पर स्थापित किया जाएगा जिसमें ज्वेलरी के छोटे-बड़े 4800 यूनिट समाविष्ट होंगे। राज्य सरकार इस पार्क के लिए कामगारों के सुख-रक्षा और इस क्षेत्र के लघु-मध्यम, माइक्रो कंपनियों के लिए कोष आवंटित करेगी।
यह ज्वेलरी पार्क वास्तव में भारत डायमंड बुर्स अथवा सीव्ज से कुछ अलग प्रकार का होगा। इस पार्क में छोटे खिलाड़ी-इकाइयों को जगह आवंटित की जाएगी। पार्क को विकसित करने का `वीडीवी' माडल के अनुसार किया जाएगा। ऐसी जानकारी जीजेईपीसी के एक्जि. डायरेक्टर एस. के. ने दी।
इस ज्वेलरी पार्क का कमर्शियल डेवलपमेंट शीघ्र शुरू  किया जाएगा।   

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