गार्म़ेंट, मेडअप्स निर्यातकों को 8.2 प्र.श. तक मिलेगा और प्रोत्साहन

गार्म़ेंट, मेडअप्स निर्यातकों को 8.2 प्र.श. तक मिलेगा और प्रोत्साहन
रु.6300 करोड़ के पैकेज का टेक्सटाइल उद्योग ने किया स्वागत
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। सेन्ट्रल स्टेट लेवी बढ़ाने के लिए गार्म़ेंट और मेडअप्स निर्यातकों को क्षतिपूर्ति देने का निर्णय मंत्रिमंडल ने लिया है। इस निर्णय से सरकारी तिजोरी पर 6300 करोड़ रु. का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। गार्म़ेंट और टेक्सटाइल उद्योग ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।
रिमिशन और स्टेट लेविस स्कीम और एम्बेडेड सेन्ट्रल टैक्सेस के सामने के रिम्बर्स की नई स्कीम (जीएसटी लागू होने के बाद भी) के तहत गार्म़ेंट और मेडअप्स निर्यातकों को हर्जाना बढ़ाकर दिया जाएगा। गार्म़ेंट के लिए क्षतिपूर्ति 1.7% से बढ़ाकर 6.5% की गयी है, जबकि मेडअप्स की क्षतिपूर्ति 2% से बढ़ाकर 8.2% की गयी है।
केद्रीय टेक्सटाइल सचिव राघवेद्र सिंह ने कहा कि मर्चंडाइज एक्सपोर्टर फ्राम इंडिया स्कीम के तहत गार्म़ेंट और मेडअप्स के लिए सपोर्ट घटने का जो नकारात्मक असर था वह समाप्त हो जाएगा। 4 प्र.श. तक असर रहा।
मेडअप्स और एपरल क्षेत्र के निर्यात के बारे में स्टेट और सेन्ट्रल एम्बेडेड टैक्स के रिबेट की स्कीम को केबिनेट ने मंजूरी दे दी है। केद्र सरकार का यह स्वागतयोग्य कदम है और इससे मेडअप्स का निर्यात बढ़ सकेगा, दी काटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल (टेक्सप्रोसिल) के चेयरमैन डॉ. के.वी. श्रीनिवासन ने उक्त जानकारी दी।
इस समय आरओएसएल स्कीम के तहत स्पेशिफाइड स्टेट टैक्स का रिफंड मिलता है, लेकिन सेन्ट्रल टैक्स का रिफंड नहीं मिलता।
डॉ. श्रीनिवासन ने कहा कि मेडअप्स और विशेष रूप से होम टेक्सटाइल्स के निर्यातक अभी तक गैरफायदा में रहते थे, लेकिन अब निर्यात बढ़ सकेगा।
इस सीजन के तहत काटन यार्न और कपड़े को भी शामिल करने की मांग उन्होंने की।
उन्होंने कहा कि इससे टेक्सटाइल-क्लोदिंग का निर्यात बढ़ेगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और केद्रीय टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी अभिनंदन की अधिकारी ह।

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