राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर टिप्पणी की समय-सीमा बढ़ी

हितधारक 29 मार्च तक भेज सकेंगे अपने अहम सुझाव 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर टिप्पणी को  लेकर समय सीमा बढाकर 29 मार्च 2019 तक कर दिया गया है।ऐसे में अब हितधारक अब अहम सुझाव को 29 मार्च 2019 तक भेज सकते है।
दरअसल देश में ऑनलाइन कारोबार के अग्रणी हितधारकों की तरफ से राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर टिप्पणी को लेकर अपने अहम सुझाव देने को लेकर 9 मार्च की समय सीमा को बढाने की गुजारिश की गई थी।ऐसे में केद्र सरकार की तरफ से राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर टिप्पणी को लेकर सीमा पार आंकड़ों को भेजने को लेकर प्रौद्योगिकी और कानूनी ढांचे की स्थापना करने का प्रस्ताव जारी किया है।इसके साथ ही इस मसौदे में संवदेनशील आंकड़ों के स्थानीय स्तर पर संग्रह या प्रसंस्करण और इसे विदेशों में संग्रहित करने के संदर्भ में व्यवसाइयों को लेकर शर्ते भी रखी है।चूंकि केद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक शाखा डीपीआईआईटी ने राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे को तैयार किया था।जिसमें आंकड़े,बुनियादी ढांचा विकास,ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस,नियायकीय दिक्कतें,घरेलू डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढावा देना और ई-कॉमर्स के माध्यम से निर्यात को बढावा देना सम्मिलित है।जिसको लेकर डीपीआईआईटी की तरफ से राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर 9 मार्च 2019 को पहली बैठक में हितधारकों के साथ बातचीत का दौर शुरु किया है।जिसमें हितधारकों ने ई-कॉमर्स के माध्यम से निर्यात को बढावा देने के तरीकों से संबंधित अहम मुद्दों को उठाया और आंकड़ों से संबंधित अहम मुद्दों पर अलग नीति बनाने की गुजारिश की है।इस बैठक में सम्मिलित अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि हितधारकों ने बैंककिंग से संबंधित मुद्दों को भी इस नीति में शामिल करने को कहा गया है

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