चीन से वापस लिया जाए मोस्ट फेवरेट नेशन का दर्जा

एसजेएम की पीएम मोदी से अपील
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । पिछले दिनों जैश ए मोहमद प्रमुख मसूर अजहर को ग्लोबल टेरिस्ट घोषित करने को लेकर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोकने वाले चीन के कदम से देश भर में गुस्सा व्याप्त हो रखा है।जिसको लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इकोनॉमिक विंग स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) की तरफ से 14 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी से आग्रह किया है कि चीन से मोस्ट फेवरेट नेशन यानि मुख्य तरजीह राष्ट्र का दर्जा वापस लिया जाए।
एसजेएम ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा है कि भारत को चीन से मुख्य तरजीह राष्ट्र का दर्जा वापस लेना चाहिए।इसके साथ ही चीनी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और सभी चीनी सामानों के आयात पर शुल्क लगाने की तत्काल काईवाई की जानी चाहिए।उल्लेखनीय है कि भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से से भी यह दर्जा वापस ले लिया था। एमजेएम की तरफ से कहा गया है कि यह समय कुटनीतिक और आर्थिक सभी जरुरी उपाय करने का है ताकि चीन को उसकी गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई के नतीजों से अवगत कराया जा सकेगा।जिसको लेकर एमजेएम के अखिल भारतीय संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा है कि चीन की वस्तुओं के आयात को कम करने को लेकर कुछ बड़ा किए जाने की जरुरत है क्योंकि जैसा कि समूह का शोध बताता है कि चीन की वस्तुओं के आयात पर लागू होने वाला औसत टैरिफ विभिन्न वस्तुओं पर लगने वाले जरुरी टैरिफ दरों से बहुत कम है।उन्होंने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि केद्र सरकार को चीन से होने वाले आयात को हतोत्साहित करने को लेकर चीन की वस्तुओं के आयात पर टैरिफ बढाने को लेकर तत्काल कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।चीन पहले से ही आर्थिक तनाव की स्थिति से गुजर रहा है ऐसे में अमेरिका और चीन के अन्य व्यापार साझेदारों की तरफ से शुरु की गई ट्रेड वार की स्थिति निश्चित रुप से चीन को यह एहसास कराएगी कि उसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के विरोध में क्या कदम उठाया है।

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