अप्रैल से जून में कपड़ा-परिधान की कारोबारी गतिविधियां रहेगी शानदार

अप्रैल से जून में कपड़ा-परिधान की कारोबारी गतिविधियां रहेगी शानदार
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । उत्तर भारत में अब बेमौसमी बारिश का दौर समाप्त होगा।ऐसे में अगले सप्ताह से मौसम खुश्क हो जाएगा।ऐसे में होली के उपरांत अगले ग्रीष्मकालीन मौसम का सही मायने में आगाज हो जाएगा। जिससे अगले तीन महीने यानि अप्रैल,मई व जून तक मौसम शुष्क बना रहेगा।जिससे स्वभाविक है कि अगले त्याहारी,ग्रीष्मकालीन व वैवाहिक मौसम को लेकर कपड़ा व परिधान की थाक कारोबारी गतिविधियां बेहतर निष्पादित हो सकेंगी।जिसको लेकर थोक व्यापारियों की तरफ से होली के उपरांत  कपड़े व परिधान में थोक कारोबारी गतिविधियां खुलकर निष्पादित कर सकेंगे।जिससे कि कपड़े व परिधान की थोक कारोबारी गतिविधियां को नई ऊंचाई पर पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा
दरअसल पिछले लगभग डेढ महीने से पश्चिम विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में बेमौसमी बारिश लगभग आधा दर्जन से अधिक चरणों में हुई है।जिसके तहत गत सप्ताह के शुरु से लेकर मध्य तक दिल्ली-एनसीआर में मौसम खराब हो रखा था यानि की आसमान में बादल छाए हुए थे और छिटपुट बूंदाबादी हो रही थी।बहरहाल ऐसे हालात आगे रहने वाले नहीं है क्योंकि आगे मौसम खुश्क हो जाएगा।जिसके तहत गत सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान ग्यारह डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान अठाइस डिग्री के आसपास चल रहे थे।ऐसे हालात को देखते हुए आगे मौसम शुष्क होने के आसार नजर आ रहे है।जिसको लेकर बतौर भारतीय मौसम विभाग की तरफ से कहा जा रहा है कि आगे मौसम खुश्क बना रहेगा और अगले ग्रीष्मकालीन मौसम का यथाशीघ्र आगाज हो जाएगा।ऐसे में होली जैसे प्रमुख त्योहार के उपरांत कपड़ा व परिधान की कॉटन किस्मों में थोक कारोबारी गतिविधियां सुचारू पूर्वक चलायमान हो सकेगी।जिसको लेकर थोक व्यापारियों की तरफ से अभी से अपने को कारोबार के दृष्टिगत सुसज्य बनाए हुए है।जिसके तहत एक तरफ अगले महीने के दूसरे पखवाड़े से हिन्दू धर्म को लेकर शुभ विवाह के मूहूर्त की शुरुआत हो जाएगी जो कि जुलाई मध्य तक प्रस्तावित है।जिसमें इस बार असंख्य शुभ विवाह के दिन प्रस्तावित है।जिससे स्वभाविक है कि अगले वैवाहिक कार्यक्रम के दृष्टिगत महिलाओं लेकर फैशनेबल साड़ियां, लहंगा चुनरी,लांचा,ग्राउन,ब्लाऊज व पेटीकोट जैसी किस्मों की अधिकाधिक कारोबारी गतिविधियां निष्पादित होगी।इसके साथ ही जेन्ट्स को लेकर कॉटन व पीसी की सूटिंग-शर्टिंग सहित कुर्ता पायजामा के कपड़े में थोक कारोबारी गतिविधियां बेहद शानदार चलेगी।जिसको लेकर थोक व्यापािरयों की तरफ से इस बार इन किस्मों की थोक कारोबारी गतिविधियों को नई ऊंचाई पर पहुंचाने को लेकर विशेष रुप से उत्सुक है।वहीं अगले ग्रीष्मकालीन मौसम को लेकर जेन्ट्स से संबंधित कॉटन की शर्ट्स,टी-शर्ट,डेनिम की जींस पैंट्स व कॉटन की ट्राऊजर सहित कुर्ता पायजामा में आगे थोक कारोबारी गतिविधियां बेहतर रुप से संचालित होंगी।इसके साथ ही महिलाओं को लेकर कॉटन की ग्राउन व नाइटी व सलवार सूट्स एवं नवयुवतियों को लेकर कॉटन की कुर्तियां,टॉप्स,लैगिंग,जैगिंग में बखूबी अच्छी कारोबारी गतिविधियां चलने की उम्मीद बनी हुई है।वहीं अगले ग्रीष्मकालीन मौसम में इस बार ईद त्योहार जून के प्रथम पखवाड़े में प्रस्तावित है।जिससे जेन्ट्स को लेकर कॉटन की लॉन,पॉपलीन,केम्ब्रिक, लठ्ठे जैसे कुर्ता पायजामा कपड़े में थोक कारोबारी गतिविािधिया धमाकेदार चलने की उम्मीद है।वहीं अगले ग्रीष्मकालीन मौसम को लेकर छोटे बच्चों को लेकर कॉटन की डिजाइनर शर्ट्स,टी-शर्ट्स,बाबासूट्स,कुर्ता पायजामा में थोक कारोबारी गतिविधियां बेहतर चलेगी।वहीं छोटी बच्चियों को लेकर कॉटन की पट-टॉप,लैगिंग-टॉप,जैगिंग-टॉप,कॉटन की कुर्तियां,कॉटन की फ्राक में थोक कारोबारी गतिविधियां शानदार चलने की उम्मीद है।जिसको लेकर थोक व्यपारियों की तरफ से अपनी तरफ से सभी तरह की तैयारियां कर रखी है और होली त्योहार के बाद अगले त्योहारी,वैवाहिक मौसम और ग्रीष्मकालीन मौसम को लेकर थोक कारोबारी गतिविधियों में विशेष रुप से जुट जाएंगे।
जिसके तहत थोक कपड़ा व परिधान के व्यापारियों की पहली प्राथमिकता होगी कि वह अधिकाधिक कारोबार को निष्पादित किया जाए ताकि आगे कारोबार के दृष्टिगत सकारात्मक माहौल बनाया जा सकेगा।इसके साथ ही थोक व्यापारियों की तरफ से कपड़ा व परिधान के थोक कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचाने को लेकर विशेष रुप से जोर अजमाईश किया जाएगा ताकि अच्छा कारोबारी प्रतिफल मिल सकेगा।

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