नया सीजन अच्छा चलने के आसार

नया सीजन अच्छा चलने के आसार
हमारे संवाददाता
ऐऔद्योगिक गतिविधियां इन दिनों कुछ प्रखर रूप में परिलक्षित होने लगी है। होली के त्योहार के परिणाम स्वरूप आगे लगभग दस दिनों तक का अवकाश रहेगा। इसके साथ उद्यमियों को नई सीजन अच्छी चलने के आसार लग रहे है। इन हालातों में उत्पादक अधिक उत्पादन लेने को व्यग्र है। वैसे बालोतरा जल प्रदूषण नियंत्रक एवं निवारक ट्रस्ट ने सम्बद्ध सभी यूनिटों को अपनी क्षमता का साठ प्रतिशत जल निस्तारित कर शोधन हेतु भेजने की हिदायत कर दी है। अनधिकृत इकाइयों पर पुरजोर अंकुश के अभाव में प्रदूषित जल निस्तारण का फ्लो निश्चित रूप से अधिक आने की शिकायतें है। कई मामलों में ऐसा लगता तो है परंतु पाइप जाम होने से भी जल प्रवाह संचालित नहीं हो पाता और फैल जाता है।
जोधपुर, पाली, जसोल, बिठूजा और बालोतरा में जल प्रदूषण की समस्या के संदर्भ में उद्यमियों में जागरूकता का अभाव नहीं है और वे हर संभव प्रयास कर इस पर निजात पाने को लालायित है। बालोतरा जल प्रदूषण नियंत्रक और निवारक ट्रस्ट ने अपने प्रयासों से नवीनतम उपकरणों को लगाकर इस पर काबू पाने हेतु प्रयासरत है और इन्हें लगता है कि समय आयेगा जब उद्यमी बिना किसी संशय और भय के अपने उत्पादनों को लेने में सक्षम बनेंगे। राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की प्रदूषण समस्या को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया है कि एक ऐसी योजना को अमलीनामा पहनाया जायेगा कि यह समस्या सदा के लिए दूर हो जायेगी।  उद्यमियों के साथ सरकार का पुरजोर सहयोग रहा तो इस क्षेत्र का वस्त्र रंगाई-छपाई उद्योग एक नये विकसित रूप से निखर कर उपस्थित हुए बिना नहीं रहेगा। देश में कृषि के बाद वस्त्र उद्योग को सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्योग है।
स्थानीय प्रदूषण की समस्या को व्यवहारिक तौर पर समीक्षा कर अध्ययन की आवश्यकता है। स्थानीय सूखी नदी सदा सूखी ही रही है। किनारों पर के खेतीहर कृषक अब सभी उद्यमी स्तर पर आ गये है और उन्होंने इस उद्योग को ही सर्वस्व मानकर समृद्धि की नई कहानी लिखी है। कभी ये लोग खेती करते होंगे परंतु अब ऐसे खेतों में वस्त्रों के थान ही, लहलहाते नजर आते है। भूजल यहां का कभी पीने योग्य रहा ही नहीं।
ग्रे क्लाथ में मामूली सुर्खी है परंतु सौदे हो नहीं पा रहे है। मार्च के कारण रकम की आवक की गति कमजोर है। पापलीन, नाईटी, मिंक, रेयान, पोकेटिंग, पेटीकोट आदि की चालानी का स्वर है। मार्च क्लोजिंग के कारण उद्यमी खाता बंदी के कार्यो में भी व्यस्त नजर आ रहे है। चुनावी शहनाई बजने से मजदूरों के साथ उद्यमियों के मध्य भी विशेष चर्चा को स्थान दिया जा रहा है। चुनावी माहौल में जो उत्साह झलकता है उससे लगता है कि इस बार मतदान पहले से अधिक मात्रा में होगा।

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