निर्यात की रफ्तार को मंदी से उबारने हेतु कवायद

निर्यात की रफ्तार को मंदी से उबारने हेतु कवायद
निर्यात $ 325 अरब पर पहुंचने की उम्मीद
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार की तरफ से निर्यात की रफ्तार को मंदी से उबारने को लेकर कवायद तेज कर दी गई है।जिसको लेकर नीति आयोग और केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से संयुक्त रुप से एक ऐसा इंडेक्स बनाने पर कार्यरत ह।जिससे कि राज्यों में निर्यात को बढावा देने को लेकर प्रतिस्पर्धा का माहौल बन सकेगा।इसीबीच केद्र सरकार की तरफ से चालू वित्त वर्ष में निर्यात 326 अरब डॉलर पर पहुंचने की उम्मीद जताई है।
दरअसल इस एक्सपोर्ट इंडेक्स में राज्यों की इस तरह से रैकिंग दी जाएगी कि वह किस तरह से निर्यात को बढावा देने को लेकर सुसज्य ह ताकि राज्यों के बीच निर्यात को लेकर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढावा मिल सकेगा।इस एक्सपोर्ट इंडेक्स में लगभग आधा दर्जन प्रमुख पैरामीटर को शामिल किया जाएगा जिसके तहत राज्यों की नीतियां,कारोबारी सुगमता,बुनियादी ढांचा,लोन की उपलब्धता को लेकर निर्यात बाजार और किसी राज्य से होने वाला कुल निर्यात का आकलन किया जाएगा।इस इंडेक्स में छह मुख्य सब प्रमुख होंगे जिन सबमें 30 से 40 पैरामीटर शामिल किए जाएंगे जो कि वैश्विक व्यापार के पैरामीटर पर आधारित होंगे।बहरहाल इसमें भारतीय जरुरतों को देखते हुए कुछ बदलाव किए गए ह।जिसको लेकर केद्र सरकार को भरोसा है कि भारत को यदि अपना निर्यात बढाना है तो वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढानी होगी जिसको लेकर राज्यों को भी निर्यात बढाने को लैकर सुसज्य करना होगा।जिसको लेकर यह इंडेक्स लाया जा रहा है ताकि राज्य निर्यात को विशेष रुप से बढावा दे सकेंगे और जिसको लेकर एक तरह से राज्यों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा होगी।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से फिलहाल विभिन्न राज्यों की निर्यात नीति का अध्ययन कर रही है ताकि देश की सर्वश्रेष्ठ निर्यात को लेकर व्यवस्था बनाई जा सकेगी।जिसको लेकर केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से ट्रकों के स्टोपेज,प्रतिस्पर्धा विरोध नियमों और निर्यात पर विपरीत असर डालने वाले मध्यस्थों की भूमिका जैसे मसले की पहचान कर रहा है।ऐसे में निर्यात को सरल बनाने को लेकर प्रक्रियाओं को आसान बनाने,लॉजिस्टिक की व्यवस्था आसान बनाने,बुनियादी ढांचा की क्वालिटी बेहतर करने,टाइम लाइन को पूरा करने,लॉजिस्टिक ऑपरेटर को सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा।इसके अतिरिक्त विभिन्न तरह के अवरोध को दूर करने पर जोर दिया जाएगा।जिसको लेकर निर्यात का इंडेक्स बनाने में नीति आयोग,आयात-निर्यात बैंक (एक्जिम बैंक),भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) और केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के विभिन्न विभागों से सलाह मशविरा किया जाएगा।ऐसे में केद्र सरकार को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में निर्यात 7.3 प्रतिशत बढकर 325 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगी।वहीं पिछले वित्त वर्ष 2017-18 के तहत निर्यात 9.8 प्रतिशत की बढत हुई थी और कुल निर्यात 303 अरब डॉलर का था।  

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