कस्टम्स का व्यवहार होगा पेपरलेस

कस्टम्स का व्यवहार होगा पेपरलेस
बिल आफ एन्ट्री और शिपिंग बिल्स इलेक्ट्रानिक स्वरूप धारणा करेगा
हमारे संवाददाता
चेन्नई। कस्टम्स विभाग और बिजनेस समुदाय के बीच का सौदा अब पेपरलेस होने जा रहा है। सेन्ट्रल बोर्ड आफ इनडायरेक्ट टेक्सिस एंड कस्टम्स(सीबीआईसी) ने अब बिल आफ एन्ट्री (आयात माल की घोषणा) और शिपिंग बिल को पेपर के बदले इलेक्ट्रानिक रूप में बदलने का निश्चिय किया है।
सीबीआईसी ने दो नई पहल घोषित की है। इसमें एक `आईकोड' है, जो व्यापार के लिए कस्टम्स दस्तावेजों का इलेक्ट्रानिक कम्यूनिकेशन (ट्रांसमिशन) है। दूसरी पहल आइसडेश है, जो हर पोर्ट पर दैनिक क्लियरेंस का निरीक्षण करेगा। यह इस समय कस्टम्स आईटीआईसीईएस पर उपलब्ध है।
आईकाड के तहत कस्टम्स विभाग बिल आफ एन्ट्री और शिपिंग बिल इलेक्ट्रानिकली आयातकों-निर्यातकों को भेजेगा। दस्तावेज डिजिटली हस्ताक्षर किए गए होंगे जिसे संबंधित कस्टम्स ब्रोकरों के रजिस्टर्ड ई-मेल आईडी पर ई-मेल से भेजा जाएगा। ये इलेक्ट्रानिक कॉपियां अब पेपर कॉपियों का स्थान लेगी।
इस समय स्थानीय खपत के लिए माल क्लियर करने वाले आयातकों को बिल आफ एन्ट्री की 4 कॉपियां देनी पड़ती है। शिपिंग बिल के बारे में भी ऐसा ही करना होता है।
आईकोड के तहत बिल आफ एन्ट्री पीडीएफ में होती है, जो अब कार्यान्वित हो चुकी है। अभी तक पीडीएफ बिल्स आफ एन्ट्री पर क्यूआर कोड्स था, लेकिन डिजिटल हस्ताक्षर नहीं था।

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