कार और आभूषण खरीदना होगा सस्ता

कार और आभूषण खरीदना होगा सस्ता
महंगे सामानों पर जीएसटी हेतु आयकर वसूली अलग
हमारे संवाददाता 
नई दिल्ली । केद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की तरफ से कहा गया है कि जीएसटी देनदारी की गणना के समय स्त्रोत पर कर वसूली (टीसीएस) की राशि को उत्पाद के मूल्य से अलग रखा जाएगा।जिससे महंगी कार और आभूषण खरीदने वालों को भारी राहत मिलेगी।उल्लेखनीय है कि आयकर अधिनियम के तहत 10 लाख रुपए के ऊपर के वाहन,पांच लाख रुपए से अधिक के आभूषण और दो लाख रुपए से अधिक का सोना-चांदी खरीदने पर स्त्रोत पर कर वसूली (टीसीएस) एक प्रतिशत लगता है।वहीं अन्य चीजों की खरीदी पर भी अगल अलग दरों से टीसीएस लगता है।
दरअसल सीबीआईसी की तरफ से एक परिपत्र में कहा गया है कि गड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) देयता की गणना करते समय टीसीएस राशि को माल के मूल्य से अलग रखा जाएगा।इससे पहले सीबीआईसी की तरफ से दिसम्बर में कहा गया था कि आयकर अधिनियम के तहत जिन उत्पादों पर स्त्रोत पर कर वसूली लागू होती है उस पर जीएसटी की गणना के तहत टीसीएस राशि को भी इसमें शामिल किया जाएगा।जिसको लेकर विभिन्न हितधारकों मिली प्रतिक्रिया और केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से बातचीत के बाद सीबीआईसी ने फैसला किया है कि जीएसटी लगने के उद्देश्य से माल का मूल्याकंन करने के समय टीसीएस राशि को अलग रखा जाएगा।जिसको लेकर सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि टीसीएस माल पर कर नहीं है बल्कि बिक्रेता की माल की बिक्री से होने वाली संभावित आय पर लगने वाला अंतरिम शुल्क है।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer