एनक्लैट ने दी हरी झंडी: आर्सेलर मित्तल की होगी एस्सार स्टील

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । दवालिया हो चुकी एस्सार स्टील का अधिग्रहण आर्सेलर मित्तल करेगी।जिसको लेकर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) ने इस डील की मंजूरी दे दी है।यद्यपि एनक्लैट ने यह भी कहा है कि यह उसके अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा।जिसको लेकर आर्सेलर मित्तल की तरफ से एस्सार स्टील को लेकर 42,000 करोड़ रुपए का रिजॉल्यूशन प्लान पेश किया है।जिसके तहत एनक्लैट की तरफ से आर्सेलर मित्तल को यह रकम कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) के पास जमा करने को कहा है।इस मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च 2019 को होगी।
न्यायतमूर्ति एस जे मुख्योपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ की तरफ से कहा गया है कि कंपनी का रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल अपने द्वारा जमा की गई रिजॉल्यूशन योजना के तहत वित्तीय और परिचालन कर्जदाताओं के बीच फंड का वितरण कर सकता है।जिसको लेकर एनसीएलएटी की तरफ से कहा गया है कि रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल निगरानी समिति का चेयरमैन होगा और यह कानून के तहत काम करके पक्का करेगा कि कंपनी परिचालन में बनी रहे।जिसको लेकर एनक्लैट ने यह भी कहा है कि वह वित्तीय और परिचालन कर्जदाताआं के  बीच रकम के भेदभावपूर्ण वितरण के मुद्दे पर भी विचार करेगा।जिसको लेकर एनक्लैट की तरफ से इंसॉल्वेंसी एण्ड बाकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) का वित्तीय और परिचालन कर्जदाताओं के बीच धन के वितरण का अनुपात पेश करने को लेकर भी कहा है।इससे पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की अहमदाबाद पीठ ने 8 मार्च 29019 को एस्सार स्टील के अधिग्रहण को लेकर आर्सेलर मित्तल की 42,000 करोड़ रुपए की समाधान योजना की मंजूरी दी थी।उल्लेखनीय है कि एस्सार स्टील के पूर्व निदेशक मंडल (बोर्ड) के तीन निदेशकों ने आर्सेलर मित्तल को कंपनी के अधिग्रहण की अनुमति दि जाने के खिलाफ एनक्लैट का दरवाजा खटखटाया था।यह मामला न्यायूर्ति एस जे मुख्योपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष रखा गया था।जिसको लेकर एनक्लैट का रुख करने वाले तीन निदेशक प्रशांत रुइया,दिलीप ओमेन और राजीव भटनागर है।

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