वनस्पति तेलों का आयात फरवरी में 7.40% बढ़ा

वनस्पति तेलों का आयात फरवरी में 7.40% बढ़ा
हमारे संवाददाता
देश में वनस्पति तेलों के उत्पादकों की अग्रणी संगठन सालवेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए)  की तरफ से कहा गया है कि इस वर्ष फरवरी में वनस्पति तेल का कुल आयात 7.40 प्रतिशत बढकर 12.42 लाख टन हो गया।
एसईए की तरफ से कहा गया है कि वनस्पति तेलों का आयात इस वर्ष फरवरी में 12,42,333 टन रहा है।जबकि पिछले वर्ष फरवरी में वनस्पति तेलों का आयात 11,57,044 टन रहा था।इसीअवधि में खाद्य तेलों का आयात 11,24,999 टन से बढकर 11,82,062 टन और अखाद्य तेलें का आयात 32,045 टन से बढकर 60,471 टन हो गया।चालू विपणन वर्ष में फरवरी तक वनस्पति तेलों का कुल आयात पिछले विपणन वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.61 प्रतिशत बढकर 48,62,849 टन रहा है।एसईए की तरफ से आगे कहा गया है कि केद्रीय वित्त मंत्रालय ने पहली जनवरी 2019 से पाम तेल पर आयात शुल्क कम कर रखा है।जिससे कच्चा और पाम तेल के आयात शुल्क के बीच अंतर 10 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत रह गया।जिसके चलते फरवरी 2019 में आरबीडी पामोलीन का आयात दोगुना बढकर 2,41,101 हो गया।एसईए ने कहा है कि मलेशिया से भारत भेजे जाने को लेकर तैयार आरबीडी पामोलन को देखते हुए आगामी माह में वनस्पति तेलों का और आयात बढने की आशंका बनी हुई है।ऐसे में यदि आयात श्ìाल्क की विसंगति को सुधार नहीं जाता है तो घरेलू पाम रिफाइनिंग उद्योग के समक्ष अस्तिव संकट उत्पन्न हो जाएगा।जिसको लेकर इस तरफ केद्र सरकार को ध्यान केद्रित करने की आवश्यकता है।

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