सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान

सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली-मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट की तरफ से इस वर्ष देश में सामान्य से कम बारिश अनुमान जताया है।जिसको लेकर कहा गया है कि पिछले पांच-छह वर्ष से मानसून अच्छा नहीं रहा है क्योंकि प्रशांत महासागर की स्थिति स्थाई नहीं है जिसके चलते इस वर्ष जून-जुलाई में कमजोर मानसून रहने का अनुमान है।वहीं इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का खतरा है जिससे कम बारिश होने की आशंका है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष यानि 2018 में जुलाई-सितम्बर के महीने तक मानसून के आखिर में बारिश औसतन 91 प्रतिशत हुई थी जो कि भारतीय मौसम विभाग की 97 प्रतिशत के अनुमान की तुलना में कम बारिश हुई थी।ऐसी बारिश की स्थिति देश में लगातार पांच वर्ष रही है।जबकि भारतीय मौसम विभाग की तरफ से अधिक बारिश को लेकर अनुमान जताया गया था।भारत में प्रत्येक वर्ष होने वाली बारिश का 70 प्रतिशत मानसून मौसम में देखने को मिलती है।ऐसे में मानसून की बारिश में कमी का भारी तादाद में खेती पर असर पड़ता दिखाई दिया है।ज्ञातव्य है कि देश में सामान्य,औसत या फिर अच्छे मानसून का अर्थ है 50 वर्ष की लंबी अवधि के औसत का लगभग 95 प्रतिशत से 104 प्रतिशत बारिश का होना।जिसके तहत 50 वर्ष में औसत बारिश चार महीनों के मानसून के तहत 89 सेंटीमीटर अथवा 35 इंच बारिश है।जिसके अच्छे मानसून की यह परिभाषा भारतीय मौसम विभाग द्वारा दी गई है।वहीं 90 प्रतिशत से कम बारिश देश में सूखे की स्थिति रहती है।

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