रियल एस्टेट में कदम रखेगा रिलायंस समूह

रियल एस्टेट में कदम रखेगा रिलायंस समूह
मुकेश अंबानी रु.5.21 लाख करोड़ से मुम्बई में बसाएंगे वर्ल्डक्लास मेगासिटी 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । रिलायंस इंडस्ट्रीज अब रियल एस्टेट के क्षेत्र में उतरने की तैयारी में है।जिसको लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से मुम्बई के निकट वर्ल्डक्लास मेगासिटी तैयार करने का ब्ल्यूप्रिंट लगभग तैयार कर लिया है।जिसके तहत अगले 10 वर्ष में 4000 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस परियोजना की लागत 5.21 लाख करोड़ रुपए यानि 75 बिलियन डॉलर आएगी।ऐसे में इस परियोजना की भव्यता का अंदाजा इसी बात यह लगाया जा सकता है कि यह रिलायंस समूह का एकमात्र सबसे बड़ा रियल एस्टेट परियोजना होगा।जिसका प्रत्येक हिस्सा अपने आप में एक परियोजना होगा।
इस बाबत रियल एस्टेट के अग्रणी विश्लेषकों की तरफ से कहा जा रहा है कि इस वर्ल्डक्लास मेगासिटी बनने के बाद मुम्बई की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी।ऐसे में मुम्बई के रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा बेचे जा रहे मकानों की तुलना में इस मेगासिटी में मकान की कीमत काफी कम होगी।जिसको लेकर रिलायंस समूह के संस्थापक धीरुभाई अंबानी पहली बार नवी मुम्बई में विश्वस्तरीय शहर बसाने का आइडिया लेकर आए थे।जिसको लेकर उन्होंने 80 के दशक में इस तरह के परियोजना के बारे में विचार किया था।ऐसे में यदि धीरुभाई अंबानी का यह योजना सफल होता तो मुंबई को काफी पहले ही भीड़भाड़ से आजादी मिल गई होती।इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रिलायंस समूह न सिर्फ स्वयं इस परियोजना को विकसित करेगी बल्कि मेगासिटी तैयार होने के बाद यह उसके प्रशासन को भी नियंत्रण करेगी।ऐसा स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी लाइसेंस से होगा जो कि कंपनी को इस ऐतिहासिक परियोजना को लेकर मिला है।इस लाइसेंस से मुकेश अंबानी को न सिर्फ बेहद कम लालफीताशाही का सामना करना पड़ेगा बल्कि शहर को विकसित करने की लागत भी कम होगी और उन्हें काम करने की आजादी होगी।जिसको लेकर रिलायंस समूह वैश्विक स्तर का आर्थिक हब विकसित करने को लेकर पिछले महीने की शुरुआत में नवी मुंबई एसईजे से 2100 करोड़ रुपए के शुरुआती भुगतान पर 4,000 एकड़ जमीन को लीज पर लेने के बारे में घोषणा की थी।एनएमएसइजेड ने विश्वस्तरीय एसइजेड विकसित करने को लेकर 2006 में यह जमीन दी थी।ज्ञातव्य हो कि रिलायंस समूह का विश्वस्तरीय मेगासिटी सिंगापुर की तर्ज पर बनेगा।जिसमें एक साथ एयरपोर्ट और सीलिंग की कनेक्टिविटी होगी।इस शहर में पांच लाख लोग रह सकेंगे।जिसमें हजारों कंपनियां होगी।उल्लेखनीय है कि भारत का रियल एस्टेट कारोबार 2030 तक 69 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।वहीं 2017 में रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर 8.8 लाख करोड़ रुपए का था।2025 तक रियल एस्टेट का 13 प्रतिशत जीडीपी में योगदान होगा।

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