खुले बाजार में गेहूं- चावल बेचने की तैयारी

खुले बाजार में गेहूं- चावल बेचने की तैयारी
हमारे संवाददाता

नई दिल्ली । देश के सरकारी पुल में गेहूं व चावल का पर्याप्त स्टाक है।जिसको निकासी करने को लेकर अब खुले बाजार में गेहूं व चावल बेचने की तैयारी चल रही है।जिसको लेकर खुले बाजार में थोक व्यापारियों व फ्लोर मिलों को गेहूं व चावल की बिक्री सस्ती कीमत पर भी किए जाने की संभावना है।

दरअसल पिछले दिनों कमेटी ऑफ सेक्टरी (सीओएस) की नई दिल्ली में एक बैठक हुई थी।जिसमें गेहूं व चावल के स्टॉक को खुले बाजार में बेचने का फैसला किया गया है।जिसको लेकर इस प्रस्ताव के कमेटी और केद्रीय वित्त मंत्रालय के पास है जिसे चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।ऐसे में चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के उपरांत ही गेहूं व चावल को खुले बाजार में बेची जाएगी।इस समय फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के पास 26.3 मिलियन टन चावल और 21.1 मिलयन टन गेहूं का स्टॉक है।वहीं केद्र सरकार की तरफ से आगामी खरीफ फसल रबी फसल को लेकर 45 मिलियन टन होती है।

चावल और 35.7 मिलियन टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।ऐसे में केद्र सरकार की तरफ से पिछले वर्ष का 10 मिलियन टन चावल एवं 2 मिलियन टन गेहूं खुले बाजार में बेचेगी।चूंकि एफसीआई के पास जगह की कमी है जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है।जिसको लेकर एफसीआई के अािधिकारियों की तरफ से कहा जा रहा है कि अनाज की बिक्री का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा क्योंकि खुले बाजार में गेहूं की मांग कमजोर है।वहीं सरकारी आंकड़ों के तहत देश में 2018-19 के तहत 115.60 मिलियन टन चावल व 99.12 मिलियन टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।वैसे तो आमतौर पर सरकारी अतिरिक्त स्टॉक को फसल मौसम के बाद खुले बाजार में बिक्री करने को लेकर रखी जाती थी।बहरहाल इस बार एफसीआई इसका ई-ऑक्शन को अगले महीने में कर सकती है।चूंकि सरकारी एजेंसियों के पास भारी तादाद में गेहूं व चावल का स्टाक बना हुआ है और सिर पर गेहूं खरीद का मौसम आ रखा है।ऐसे में सरकारी पुल के गेहूं व चावल के स्टॉक को समाप्त करने की कोिशिश की जा रही है ताकि नई खाद्यान्न खरीदी को लेकर स्टॉक करने में आसानी हो सकेगी,।ऐसे में सरकारी एजेंसियों की तरफ से गेहूं व चावल के स्टॉक को सस्ती  दरों पर बेची जा सकती है।उल्लेखनीय है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं व धान की खरीदी करनी  

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