अलनीनो का होगा कमजोर असर अच्छी बारिश होने के आसार

अलनीनो का होगा कमजोर असर अच्छी बारिश होने के आसार
रमाकांत चौधरी 

नई दिल्ली । भारत का मौसम विभाग इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपोर्टमेंट (आइएमडी) की तरफ से अलनीनो को लेकर दुनिया भर की मौसम की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसियें की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया गया है।ऐसे में इस बार देश में बारिश अच्छी होने की उम्मीद बढ गई है।जिससे अगले खरीफ फसल मौसम में कृषि फसलों की पैदावार अच्छी होने के आसार अभी से नजर आ रहे है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों की मौसम एजेंसियां सहित भारत की निजी एजेंसी स्काईमेट की तरफ से भी भारत के मानसून की चाल पर अलनीनों की आशंका जताई थी।

इस बाबत भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक के.जे.रमेश ने स्पष्ट रुप से कहा है कि इस वर्ष देश में अच्छी बारिश की संभावना है।उन्होंने यह भी कहा है कि इस समय मानसून के पैटर्न के बारे में कुछ बोलना जल्दबाजी होगी।बहरहाल अलनीनो के मुदृदे पर उन्होंने कहा कि कोई भी अभी तक मजबूत अलनीनो की बात नहीं कर रहा है।ऐसे में सवाल यह है कि क्या हालात फिर से बदलने लगे है।उल्लेखनीय है कि सामान्य,औसत या फिर अच्छे मानसून का मतलब होता है कि 50 वर्ष की लंबी अवधि के औसम का लगभग 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत बारिश होना।ऐसे में 50 वर्ष में औसत बारिश चार महीनों के मानसून के तहत 89 सेंटीमीटर अथवा 35 इंच बारिश है।जिसको लेकर अच्छे मानसून की यह परिभाषा भारतीय मानसून की तरफ से दी गई है।वहीं 90 प्रतिशत से कम बारिश देश में सूखे की स्थिति रहती है।दरअसल देश में मानसून का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों पड़ता है।ऐसे में मानसून सामान्य और अच्छा रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती बारी अच्छी होती है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की कृषि आय में बढोतरी होती है।जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रुप से खुशहाली आती है और स्वभाविक है कि उपभोक्ता मांग में तेजी आती है।ऐसे में गामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति बढने से घरेलू उद्योग में उत्पादित उपभोक्ता वसतुओं की मांग में बढोतरी होती है।जिससे देश की आर्थिक विकास को गति मिलती है।वहीं अच्छे मानसून से एक तरफ देश में अर्थव्यवस्था में सुधार का मार्ग प्रशस्त होता है।वहीं खाद्यान्न जिसों की कीमत अपेक्षाकृत स्थिर रहने से महंगाई के मोर्चे पर केन्द सरकार को भारी मिलती है।

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