सोयातेल में तेजी, मंडियों में सोयाबीन की आवक कमजोर

हमारे संवाददाता
गत् हप्ते  पूरे म.प्र.  क्षेत्र में गर्मी ने पुन: प्रकोप बढ़ाया। 40 डिग्री के आसपास तापमान रहा। डॉलर की तुलना में रूपये की गिरावट से आयात पड़तल महंगी पड़ रही होने से खाद्यतेलों में तेजी रही। गत् माह में आयातित तेलों  के आयात कम होने से व्यापारिक आपूर्ति में कमी आई होने का असर है कि सोया आर पामतेल में तेजी रही। हांलाकि अंतराष्ट्रीय बाजारों में तेलों पर भाव में मंदी रही है मगर भारत में आयत पड़तल के कारण भाव उंचे बने हुए है। गत् पूरे हप्ते सोया तेल में धीमी गति से तेजी होती रही। सोया तेल विगत हप्ते 745 रु. के भाव से उठकर 760-765 रु. तक होना बताया जा रहा था। मूंगफली तेल विगत हप्ते 1030 रु. के भाव उठकर 1060 रु. तक होना बताया जा रहा था। हाल-फिलहाल की मांग अधिक बताई जा रही है इससे भाव में तेजी की चाल जारी है। दूसरी तरफ कपास्या तेल, सरसो तेल, में भी मामूली तेजी का होना बताया जा रहा था। हांलाकि अंतरराष्ट्री वायदा बाजारों में मलेशियन केएलसीई और शिकागो सोयातेल वायदा मंदी में रहे जिससे उधर पाम तेल और सोयातेल में तेजी नहीं हुई। पाम तेल मुंबई भाव 597-598 ही रहा।
इंदौर पाम तेल का भाव 645-650 रु. पूर्ववत ही रहा।  सोयाबीन की आवके कम होने से सोयाबीन में मांग के कारण भारी तेजी रही।
गत हप्ते सोयाबीन मे कोई 150 से 200 रु. की तेजी हुई। सोया तेल भाव विगत् 745-748 रु. से उठकर गत् हप्ते गुरूवार तक 760- 765 रु. होना बताऐ जा रहे थे। विभिन्न प्लांटो का भाव 758-765 रु. तक रहा। इंदौर की थोक मंडीयो में सोयाबीन की कोई 1500  बोरियो की दैनिक आवके रही है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय ट्रेड वार का फायदा भी भारतीय कृषको और स्टाकिस्टों को मिल सकता है। उनके अनुसार ट्रेड वार से भारतीय सोयाबीन का भविष्य मजबूत रहने की धारणा है। हांलाकि एमएसपी भाव पर भी प्रादेशिक सरकारो के खरीदी पर भी कृषको के संतुष्ट रहने की संभावनाएं भी बताई जा रही है। व्यापारिक क्षेत्रों से मिली खबरों के अनुसार डालर में हो रही वृद्धि का असर देश में हो रहे आयातित माल में तेजी हो सकने की संभावना है। सोया और पाम तेल के आयात पर इसका भारी असर आ सकता। सरसो तेल में हांलाकि भाव 745 रु. पर  मजबूत ही थे। सरसो की बिकवाली सरकार उपने स्टॉक से कर सकती है इससे भविष्य में सरसो और तेल में मंदी की संभावना देखी जा रही है। सरसों गत् हप्ते 3600 रु. से उतरकर 3500 रु. तक होना बताई जा रही थी। गतृ् हप्ते विदेशी वायदा बाजारा में हांलाकि गत्  हप्ते मलेशियन केऐलसीई में ऊपर की चाले नहीं थी जबकि शिकागो सोया तेल वायदा में  भी अधिक तेजी नहीं हुई बताते है। इंदौर में गत् हप्ते इंदौर मूंगफली तेल 1060 से 1080 रु., मुंबई मूंगफली तेल 1075-1080 रु., गुजरात लूज 1040-1050 रु. और राजकोट तेलिया 1670-1680 रु. के भाव रहे। इंदौर सोया रिफाइंड 760 से 765 रु., इंदौर साल्वेंट 725 से 730 रु., मुंबई सोया रिफाइंड 738 से 740 रु., मुंबई पाम 595 रु. के भाव रहे। इंदौर पाम 650 रु. इंदौर कपास्या तेल  715 रु., इंदौर सरसों तेल 740 रु. का भाव रहा।

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