राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाने की कवायद तेज

हितधारकों की अगामी सप्ताह में होगी अहम बैठक
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एण्ड इंटरनल ट्रेड (डीपीआइआइटी) की तरफ से घरेलू खुदरा व्यापार को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाने की कवायद तेज कर दी गई है।जिसको लेकर डीपीआइआइटी की तरफ से देश के अग्रणी व्यापारिक संगठनों को पत्र भेजकर नीति पर चर्चा को लेकर आमंत्रित किया है।ऐसे में सभी हितधारकों की आगामी सप्ताह में बैठक होने की उम्मीद है।जिसको लेकर डीपीआइआइटी के साथ अनौपचारिक बैठक में शामिल रहे व्यापारिक संगठनों की तरफ से कहा गया है कि इस नीति को लेकर अगली बैठक में छोटे कारोबारियों की रोजीरोटी सुनिश्चित करने  और एफडीआई एवं ई-कॉमर्स जैसी चुनौतियों के खिलाफ सेफगार्ड्स मुहैया कराने पर विशेष रुप से चर्चा होगी।।  
दरअसल डीपीआइआइटी की तरफ से देश के अग्रणी व्यापारिक संगठनों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि घरेलू खुदरा व्यापार के मार्गदर्शन,उनकी समस्याओं के समाधान और कारोबारी अवसर बढाने को लेकर राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति के निर्माण का काम शीघ्र शुरु होगा।जिसको लेकर देश के अग्रणी व्यापारिक संगठनों और पक्षों की राय जानने को लेकर शीघ्र ही एक राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया जाएगा।ऐसें में देश के अग्रणी व्यापारियों संगठनों से बैठक से पहले भी लिखित में सुझाव साøपने की सलाह दी गई है जिन पर अगली बैठकों में विस्तृत रुप से चर्चा की जाएगी।जिसको लेकर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आतंरिक व्यापार को लेकर अलग अलग विभाग का गठन कर दिया गया है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से छोटे व्यापारियों की एक बड़ी मांग पहले ही पूरी कर दी है।चूंकि मौजूदा केद्र सरकार ने अपने संकल्प पत्र में राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति बनाने की है।देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने घरेलू व्यापार को बढावा देने की भी बात कही है।ऐसे में उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही इस दिशा में काम शुरु हो जाएगा।जिसको लेकर कैट की तरफ से राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति को लेकर जो अहम मुदृदे सुझाए गए हø जिनमें मल्टी ब्रांड रिटेल ट्रेड को एफडीआई से दूर रखने,एंटी-प्रीडेटरी प्राइसिंग एक्ट,रिटेल रेगुलेटरी अथॉरिटी के गठन,डिजिटल पेमेंट पर इंसेंटिव शामिल है।श्री खंडेलवाल ने कहा कि यदि मौजूदा केद्र सरकार की सत्ता में पुन: वापसी होती है तो हम चाहेंगे कि भाजपा के संकल्प पत्र में व्यापारियों को लेकर की गई घोषणाओं को भी इस पॉलिसी में शामिल किया जाए।जिनमें व्यापारियों को लेकर बीमा और पेंशन स्कीम भी शामिल है।ऐसे में अगली बैठक में व्यापारिक संगठनों की तरफ से आए सुझावों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की जाएगी और आगे की नीति को यथासंभव क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा ताकि छोटे व्यापारियों की हित सहित सहित एफडीआई और ई-कॉमर्स के खिलाफ सेफगार्ड्स मुहैया कराया जा सकेगा।जिससे देश के छोटे कारोबारियों में कारोबार करने में विशेष सहूलियत हो सकेगी।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer