रियल एस्टेट के लिए जीएसटी का पांच नोटिफिकेशन यानी भूलभुलैया

रियल एस्टेट के लिए जीएसटी का पांच नोटिफिकेशन यानी भूलभुलैया
जीएसटी के शीर्ष अधिकारियों ने स्वीकार किया
विशेष संवाददाता
मुंबई। रियल एस्टेट संबंधी नया करढांचा 1 अप्रैल 2019 से अमल में आने के बाद उसमें उलझन होने की बात शीर्ष के जीएसटी अधिकारियों ने स्वीकार की है।
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काøसिल द्वारा हाल ही में मुंबई में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मुंबई जीएसटी के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर सुंगीता शर्मा, राज्य के जीएसटी कमिश्नर राजीव जलोटा और मुंबई जीएसटी कमिश्नर संजू महेद्रू ने रियल एस्टेट क्षेत्र के सभी हितधारकों को आश्वासन दिया है कि सरकार इस कठिनाई के निवारण के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यापार के कटार लेखक एडवोकेट शैलेष शेठ ने कहा कि निर्माण कार्य के तहत रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नकारकर नीची दर का विकल्प देने की नीति जीएसटी कर प्रणाली के मूल उद्देश्य के साथ सुसंगत नहीं है। जीएसटी काøसिल ने हाल ही में डेवलपर्स को टैक्स में एक बार का विकल्प दिया है कि वे निवासी उद्देश्य वाले निर्माण कार्य के तहत प्रोजेक्ट्स के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 12% टैक्स और एफैटिबल (सस्ते) घर के लिए 5% अथवा इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ बिना क्रमश: 5% और 1% टैक्स का विकल्प पसंद किया है। यह विकल्प पसंद करने के लिए उन्हें 20 मई तक समय दिया गया है, जो पहले 10 मई तक था। इस बारे में शैलेष भाई ने कहा कि इस प्रकार इस बार समझौता करने से जीएसटी के अमल में अनेक विसंगतियां सर्जित होने की संभावना है। करदाता पर एक्जम्प्शन का लाभ अनिवार्य न किया जाए ऐसा कहा कि विल्डर डेवलपर चाहते हø कि जमीन के वास्तविक मूल्य तथा अन्य कटौती का लाभ लेने के लिए संपूर्ण दर से जीएसटी भरने का विकल्प स्वीकार किया जा सकता है।
शैलेष भाई ने डेवलपमेंट राइट्स पर जीएसटी, जमीन मालिक पर लगायी गयी जवाबदारी, रजिस्टर्ड पर्सन के पास से कम से कम 80% जितना माल और सेवा खरीदी का प्रावधान, फ्लैट की कीमत से कटौती पात्र जमीन की वैल्यू संबंधी प्रावधानों की संवैधानिकता पर भी शंका व्यक्त की।
काøशिल के नेशनल प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी, वेस्टर्न रीजन प्रेसिडेंट राजन बेंडलकर, सीए समीर संघवी ने नए प्रावधानों की समीक्षा की।
सीए राजकमल शाह ने हाल ही में जारी 66 पृष्ठ में समाहित 5 नोटिफिकेशन्स के उलझन भरे प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए इसके अमल में रही व्यवहारिक कठिनाइयों को समझाया।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer