यूएस और यूरोप को रेडीमेड गार्म़ेंट का निर्यात बढ़ा

यूएस और यूरोप को रेडीमेड गार्म़ेंट का निर्यात बढ़ा
यूएई को घटे निर्यात की होगी क्षतिपूर्ति
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। वित्त वर्ष 19 में यूएई को भारत के परिधान एवं गार्म़ेंट निर्यात में 29% की गिरावट आयी, लेकिन यूएस एवं यूरोप को निर्यात बढ़ने से उसकी ज्यादातर क्षतिपूर्ति हो गई।
वित्त वर्ष 19 में  यूएई को भारत के परिधान एवं निर्यात में 33 प्रतिशत की गिरावट आयी। यूएई द्वारा ट्रेडिंग गतिविधि को प्रतिबंधित करने और स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 5 प्रतिशत आयात शुल्क लगाए जाने के कारण यह गिरावट आयी है।
ग्लोबल परामर्शदाता फर्म, वजिर एडवालइजर्स के आंकड़े में कहा गया है कि अप्रैल 2018- फरवरी 2019 में यूएई को भारत का कुल परिधान निर्यात गत वर्ष की समान अवधि के 2.66 बिलियन डालर से 33% घटकर 1.78 बिलियन डालर रहा।
टेक्सप्रोसिल के चेयरमैन एच के एल माघु ने कहा कि भारतीय निर्यातक मध्य पूर्व के देशों, अफ्रीका और यूरोप को परिधान निर्यात करने के गेट-वे के रूप में यूएई का उपयोग कर रहे थे। हालांकि यूएई सरकार द्वारा परिधान सहित सभी मर्चन्डाइज उत्पादों पर कुछ महीना पहले आयात शुल्क लगा दिया गया। इसके विपरीत यूएस एवं यूरोप को परिधान निर्यात बढ़ रहा है जिससे यूएई को परिधान निर्यात में आयी गिरावट की अधिकांशत: क्षतिपूर्ति हो गई।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, भारत का परिधान या रेडीमेड गार्म़ेंट का निर्यात गत वर्ष के 16.7 बिलियन डालर की तुलना में 16.1 बिलियन डालर रहा।
उद्योग के सूत्रों के अनुसार, भारतीय निर्यातक यूएई एवं अफ्रीकन देशों के बीच के मजबूत बकिंग सिस्टम का लाभ ले रहे थे। अब अफ्रीका के व्यक्तिगत देशों ने अपना मजबूत बकिंग सिस्टम विकसित किया है।

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