किसानों के सशक्तिकरण से अनेक कमोडिटीज के बढ़ेंगे भाव

किसानों के सशक्तिकरण से अनेक कमोडिटीज के बढ़ेंगे भाव
आईएमसी चेम्बर, एमसीएक्स द्वारा आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों के अभिमत
बाजार को सीटीटी हटने की अपेक्षा
क्रिश्ना शाह
अहमदाबाद। आईएमसी चेम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री और एमसीएक्स इंवेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड द्वारा कमोडिटी मार्केट्स फंडामेंटल्स के बारे में अहमदाबाद में आयोजित सेमिनार के दौरान व्यापार के साथ की खास बातचीत में आईएमसी के इकोनॉमिक एडवाइजर जी. चंद्रशेखर ने कहा कि फिर से चुन कर आई मोदी सरकार के मुख्य चार एजेंडा होंगे। इस सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर मंद पड़ रहा आर्थिक विकास जोर पकड़े, ऐसी नीति और कार्यक्रम बनाने का मुद्दा होना चाहिए। दूसरे स्थान पर निवेश होना चाहिए। नई सरकार को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहायक नीतियों द्वारा देशी तथा विदेशी दोनों प्रकार के निवेश आकर्षित करने की जरूरत है। निवेश न आने तक आर्थिक विकास मात्र स्वप्न बना रहेगा।
तीसरा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा रोजगार सर्जन का होगा। पिछले दो वर्ष में रोजगार में जबर्दस्त गिरावट दिखायी दी। विशेष रूप से कृषि और एसएमई सेक्टर में रोजगार सर्जन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। चौथा मुद्दा मुद्रास्फीति पर नियंत्रण का है क्योंकि गरीब और मध्यम वर्ग पर उसका सीधा असर होता है। नई सरकार को क्रूड आयल के बढ़ते भाव, वर्षा की अनिश्चितता जैसे घटकों के सामने सुरक्षा देने वाली नीति और कार्यक्रम तैयार करना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक विकास के अलावा सामाजिक विकास के मुद्दे को ध्यान में लेना अति जरूरी है। उदारीकरण और वैश्वीकरण का लाभ देश में समान रूप से वितरित नहीं है। सरकार को कृषि क्षेत्र के सामान्तर और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। देश में 50% लोगों के कृषि मार्फत रोजगार प्राप्त करने के बावजूद जीडीपी में इस क्षेत्र का हिस्सा सिर्फ 14% है। इसे संतुलित करने के लिए आगामी 10 वर्ष तक हर वर्ष चार प्रतिशत की दर से कृषि क्षेत्र का विकास अनिवार्य है। कृषि क्षेत्र में ढांचागत समस्याओं का निराकरण जरूरी है।
कोमट्रेंड्स रिचर्स के डायरेक्टर टी. ज्ञानशेखर को नई सरकार से कमोडिटी ट्रांजेक्शन ट्रैक्स (सीटीटी) हटाने की अपेक्षा है। अधिकांश कमोडिटी का भाव बढ़ेगा क्यों किसान आर्थिक सशक्त बने हø। यह अच्छी वात है, इससे उनकी उत्पादन संग्रह क्षमता बढ़ी है। इससे अच्छा भाव मिलने की प्रतीक्षा करेंगे। इससे एक-दो वर्ष ग्राहकों को परेशानी होगी। सरकार के वचन पूरा करने के लिए सरकार कर बढ़ाएगी। उपभोक्ताओं की कीमत पर किसानों को लाभ होगा।
निवेशकों और व्यापारियों को कृषि और संबंधित क्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए। आगामी एक-दो वर्ष में इस क्षेत्र में निवेश साबित हो सकता है। कृषि क्षेत्र में अच्छा विकास होने से अर्थव्यवस्था और मजबूत बनेगी जिससे बुलियन मार्केट भी सुधरेगा।

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