लोकसभा ने वित्त विधेयक को दी मंजूरी

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 18 जुलाई 2019 को कहा कि 2019-20 के आम बजट में कर प्रावधानों का मकसद जीवनस्तर एवं उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना,लोगों की परेशानियों को कम करना तथा न्यूनतम सरकार एवं अधिकतम सुशासन को सुनिश्चित करना है।
केद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी।वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट 2019-20 का मकसद व्यापार सुगमता,युवा उद्यमियों एवं मेक इन इंडिया को बढावा देना है।उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा भारत को दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय हब बनाने का है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का मकसद डिजिटल लेनदेन को बढावा देना है।डिजिटल भुगतान से राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में अधिक पारदर्शिता आएगी।वित्त मंत्री ने कहा कि कर कानूनों के सरलीकरण के लिए नई कर संहिता को अंतिम रुप देने के मकसद से एक कार्यबल काम कर रहा है।जिसकी रिपोर्ट 31 जुलाई 2019 तक आएगी।
उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में गैर कराधान प्रावधानों के तहत सात अधिनियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है ताकि व्यवस्था को सरल किया जा सके।जिसके तहत मेक इन इंडिया पहल को सुदृढ बनाया जा सके एवं विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती प्रदान की जा सके।उन्होंने कहा कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम कानून में 8 बिन्दुओं पर संशोधन किया गया है। इसमें से 6 उपबंध में संशोधन किए गए है।इसमें एक प्रावधान को समाप्त करने और एक प्रावधान जोड़ने से संबंधित है। 

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