गुजरात में वर्षा की भारी कमी : किसान चिंतित

हमारे संवाददाता
अहमदाबाद। वर्षा खींच जाने से खेती क्षेत्र में भारी चिंता है। सीजन के डेढ़ महीने बाद भी बोवाईलायक वर्षा न होने से अब चिंता के बादल घिरने लगे हø। पूरे गुजरात में औसत से 42% कम वर्षा हुई है। सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात की स्थिति काफी खराब है। मध्य गुजरात में साधारण वर्षा है। सबसे अधिक वर्षा दक्षिण गुजरात में हुई है। कम वर्षा के कारण डेम भरे नहीं है। नर्मदा डेम से पानी की आवक से जावक अधिक है। सभी जिले के डेमो में पानी की स्थिति अत्यंत दयनीय है। डेमो में जल राशि औसत 20% ही है।
सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में किसानों द्वारा बोआई कर लेने के बाद वर्षा की सख्त जरूरत है। विशेष रूप से कपास की फसल पर भारी जोखिम है। कृषि विभाग के अनुसार अभी तक गुजरात में 48.79 लाख हैक्टर में बोआई हुई है। पिछले वर्ष में 38.71 लाख हैक्टर में बोआई थी। बहुत से किसान पुन: बोआई के लिए वर्षा की प्रतीक्षा कर रहे हø।
कच्छ में वर्षा की 89% कमी है, मोरबी में 71%, पोरबंदर में 66%, राजकोट में 64% और जामनगर में 60% कमी है।
अहमदाबाद में 63%, सुरेद्रनगर में 53%, जूनागढ़ में 51%, तापी में 50%, महेसाणा में 49%, पाटन में 46%, गांधीनगर में 43%, बनासकांठा में 41% वर्षा की कमी है। जुलाई पूरा होने तक में वर्षा न होने पर खेती की हालत और बिगड़ने की संभावना है।

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