जीरे के प्राइस में बढ़ते अंतर का लाभ भारत को मिलेगा

जीरे के प्राइस में बढ़ते अंतर का लाभ भारत को मिलेगा
हमारे संवाददाता
मुंबई । अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत एवं सीरिया-टर्की के जीरे के भाव में अंतर बढ़ने का लाभ आने वाले दिनों में भारत को मिलेगा। आम तौर पर सीरिया-टर्की का जीरा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के जीरे से 300-350 डॉलर प्रति टन महंगा बिकता है लेकिन इस साल यह अंतर 600-800 डॉलर प्रति टन पहुंच गया है। इस खासे अंतर की वजह से अंतरराष्ट्रीय खरीददार सीरिया-टर्की का जीरा खरीदने के बजाय भारतीय जीरे की खरीद करना पसंद करेंगे। 
निर्यातकों का कहना है कि सीरिया-टर्की का जीरा पूरी तरह आर्गेनिक होता है एवं यही वजह है कि वह भारतीय जीरे की तुलना में महंगा बिकता है लेकिन अब यह प्राइस अंतर बेहद ऊंचा हो गया है। जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय खरीददार भारतीय जीरे में पूछपरख कर रहे हैं। यह प्राइस अंतर भारतीय जीरे के लिए लाभदायी है एवं अब तक सुस्त पड़े बाजार में इससे अच्छे मूवमेंट देखने को मिल सकते है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अफगानिस्तान 2725-2730 डॉलर प्रति टन पर जीरा ऑफर कर रहा है।  
दूसरी ओर, भारत से चीन ने जीरे की ताजा खरीद शुरू की है। पिछले दो दिनों में चीन ने भारत से 30-40 कंटेनर जीरे की खरीद की है। इस ताजा मांग से सुस्त पड़े निर्यात बाजार में थोड़ा उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, बांग्लादेश में इस समय जमकर बारिश हो रही है जिसकी वजह से उसकी खरीद बेहद सुस्त है। लेकिन चीन की खरीद से मानसिक सेंटीमेंट में बदलाव आया है। इस खरीद से जहां घरेलू हाजिर बाजार में जीरे के दाम 150 रुपए प्रति 20 किलोग्राम बढ़े है वहीं निर्यात बाजार में 60-70 रुपए प्रति 20 किलोग्राम का इजाफा हुआ चीन के लिए जिस जीरे के सौदे हुए है वे 3380-3450 रुपए प्रति 20 किलोग्राम के हुए है। कुछ ट्रेडर का कहना है ये सौदे इससे ऊंचे प्राइस पर भी हुए है लेकिन असलियत यह है कि 3450 रुपए प्रति 20 किलोग्राम से ऊपर पर सौदे नहीं हुए हैं। निर्यातकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस भाव से बढ़कर कारोबार नहीं होता है तो बाजार फिर से कमजोर पड़ सकता है।  
आमतौर पर चीन की जीरे में मांग मार्च मध्य में आती है और अप्रैल तक यह पूरे शबाब पर रहती है लेकिन इस साल चीन की खरीद इतनी धीमी रही कि निर्यातक निराश हो गए। बता दें कि भारत से होने वाले जीरे के कुल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 30-40% रहती है। भारत से चीन हर साल तकरीबन 40 हजार टन जीरे की खरीद करता है। यह निर्यात पिछले साल 45-47 हजार टन था। 
बता दें कि चीन में पिछले साल जीरे का उत्पादन 17 हजार टन था जो इस साल 35 हजार टन रहने की संभावना है। चीन में नए जीरे की आवक 15-20 जून से शुरू हो गई है।

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