वर्षा की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी

वर्षा की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी
उच्च स्तर पर मूंगफली तेल में निरंतर मंदी
थोक में सोया तेल पर भाव मामूली तेजी से स्थिति मजबूत
हमारे संवाददाता   
इंदौर । इस वर्ष मानसून का समय पर न आना और बाद में बारिश न होने से कृषि कार्य पूरे होने  के बाद पुन: वर्षा ने उन्हे चिंता में डाल दिया है । एक लंबा अंतराल होने और गर्मी अधिक बढ़ जाने से बीजों का या उग आई फसल का  सिंचित समय पर न हाने से कृषकों मे  चिंता बढ़ने लगी है ।
उपभोक्ताओं के अनुसार और  विश्लेषकों और समीक्षकों द्वारा बताया जा रहा है कि देश में उपभोक्ता  प्रतिशत बढ़ा है और आपूर्ति के लिये विदेशी आयात जरु.री है, मगर तिलहनों की पैदावार भी उसी प्रतिशत से बढ़ी है साथ ही साथ ही खाद्य तेलों की सूची में अन्य तिलहन भी बढ़ रहे है । सबसे बड़ी बात तो यह है कि कई श्रेणी के तिलहन होने से और उनके प्रसंस्करण में प्रोसेस से तेलों का घालमेल पर बेचा जा रहा है । यह पूर्व में भी और लिखा जा चुका है । उनके अनुसार तेल के छोके से ही तेल मिलावटी प्रतीत हो रहा है जिसकी शिकायत उपभोक्ता के हाथों में नहीं है। तेल  उत्पादकों द्वारा और मिलावटखोरों द्वारा घालमेल का तेल  धडल्ले से  बिकना जारी है तो फिर  खाद्य तेल की आपूर्ति में कमी कैसे हो सकती है । नकली शुद्ध घी उत्पादक फलफूल  रहे है। दूध के परवर्ती उत्पादों की देश में बाढ़ है तो फिर असली शुद्व घी के उत्पादन पर भी संदेह निश्चित होना चाहिये । देश में पनीर की खपत अंधाधूंध है फिर दूध के इतने परवर्ती उत्पादों के बाद तो पनीर का इतना अधिक उत्पादन हाना संदेह ही बनाता है । बहरहाल कृषि  विकास  पर और अधिक खर्च करने हेतु प्रयास किये जा रहे है जिस पर चेक नहीं है । इंदिरा सरकार ने मंहगाई पर कडी नजर थी जो शायद उस समय के प्रयासों का बहुत ही बड़ा देश के प्रति उपहार था । आज देश में कृषि उत्पादन में कही कमी नहीं है मगर आयात-निर्यात के फेर में देश का उपजाऊ माल अधिक निर्यात हो रहा है और बाहरी निम्न किस्म का आयात महंगा होकर देश की महंगाई बढ़ाने वाला साबित हो रहा हे । देश का निर्यात हो रहा माल पर तो उद्योगपति तो धन बना रहा है मगर देश की जनता किस कदर मंहगाई से जी रही है यह सरकार अच्छी तरह जानकर अंजान बन रही है । मंडियों में सोयाबीन का भाव 3550-3650 रु. के लगभग रहा जबकि प्लांटों की खरीदी 3570 रु. से लेकर 3650 रु. तक की रही बताया गया । गत् हप्ते इंदौर मुंगफली तेल 1120 से  1125 रु., मुंबई मूंगफली तेल 1070 से 1080 रु., गुजरात लूज 1120  रु. और राजकोट तेलिया 1730 रु. के भाव रहे । इंदौर सोया रिफाइंड 732 से 735 रु., इंदौर साल्वेंट 690 से 695 रु., मुंबई सोया रिफाइंड 738 से 740 रु., मुंबई पाम   565 रु., इंदौर पाम तेल 625 के भाव रहे । इंदौर कपास्या तेल 730. रु. रहा ।

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