मुख्य मंत्रियों की उप-समिति की अगली बैठक 7 अगस्त को मुंबई में

मुख्य मंत्रियों की उप-समिति की अगली बैठक 7 अगस्त को मुंबई में
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी की पहल पर गठित मुख्यमंत्रियों की उप समिति ने 18 जुलाई 2019 को पहली बैठक नई दिल्ली में हुई थी।जिसमें कृषि की चुनौतियों और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।वहीं इस उप समिति की बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियें ने कृषि जिंसों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) को गैरवाजिब करार दिया है।
दरअसल मुख्यमंत्रियों की उप समिति की इस बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जिंस बाजार अब वैश्विक हो चुका है।जिसको लेकर अब नीतियां बनानी होंगी। इनमें कृषि व वाणिज्य मंत्रालयों को मिलकर काम करना होगा।इस बैठक में केद्रीय कृषि मंत्री नरेद्र सिंह तोमर,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटृटर,गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी व अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खंडू मौजूद थे।वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बैठक में वीडियो कांफेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बहरहाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा सत्र के चलते इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।ऐसे में मुख्यमंत्रियों की उप समिति की पहली बैठक में शामिल सभी मुख्यमंत्रियों की राय थी कि कृषि क्षेत्र में सुधार की सख्त जरुरत है जिसमें राज्यों का दायित्व अधिक है।कृषि को घाटे से उबारने और नई दिषा देने को लेकर तत्काल एक नई नीति बनाई जाए।इस मौके पर मुख्यमंत्रियों की उप समिति के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेद्र फड़नवीस ने कहा कि कृषि जिंसों पर ईसीए को तत्काल हटाने की जरुरत है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रियों की राय में गैर कृषि उत्पादों पर भी ही यह कानून लागू हो बहरहाल कृषि जिंसों पर इसकी जरुरत नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि कृषि उपज मंडियों पर समिति लोगों का वर्चस्व चिंता का विषय है।उप समिति की अगली बैठक 7  अगस्त 2019 क मुंबई में होगी।जिनमें पहली बैठक में चिन्हित मुद्दों पर विचार किया जाएगा।उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि इस पर गंभीरता से विचार करने की जरुरत है।वहीं इस बैठक में कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ साथ विकास को लेकर निवेश बढाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

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