मुंबई मेवा-मसाला महोत्सव 2 नवंबर तक मस्जिद बंदर में

कार, मोटरबाइक, सोना, स्मार्ट टीवी सहित के 300 बम्पर प्राइज : 2000 से अधिक कैशबैक विजेता
मुंबई मेवा मसाला मर्च़ेंट्स एसोसिएशन ने मुंबई मेवा-मसाला महोत्सव 5 अगस्त से 2 नवंबर, 2019 तक मस्जिद बंदर में आयोजित किया है। इस अवधि के दौरान मस्जिद बंदर रेलवे स्टेशन के निकट की मेवा-मसाला मार्केट की भाग लेनेवाली सभी दुकानें सजायी गई है और वहां फेस्टिव मूड दिखायी देता है। इन सभी दुकानों पर ``सबसे सस्ता, सबसे अच्छा मेवा-मसाला मस्जिद बंदर में'' नारा के साथ के महोत्सव बैनर प्रदर्शित किए गए है।
महोत्सव के दौरान मस्जिद बंदर की भाग लेने वाली दुकानों में से प्रत्येक 1000 रु. की खरीदी पर एक लकी कूपन दिया जाता है। ग्राहक खरीदी वैल्यू का 200 प्रतिशत तक कैशबैक जीतने का पात्र माना जाएगा। यहां 300 बम्पर प्राइज है और 2000 से अधिक कैशबैक विजेता होंगे। लकी ड्रा 3 नवंबर, 2019 को आयोजित होगा। प्रथम पुरस्कार में होन्डा एक्टिवा मोटर बाइक होगी। 3 विजेताओं प्रत्येक को 24 कैरेट सोने का 5 ग्राम का सिक्का दिया जाएगा। 5 विजेताओं को स्मार्ट टीवी मिलेगी। 6 विजेताओं को स्मार्ट फोन मिलेगा। 10 विजेताओं को आईएफबी माइक्रोवेव ओवन दिया जाएगा। 15 विजेताओं को कैन्ट वाटर प्योरीफायर दिया जाएगा। 35 विजेताओं को सारेगम कारवां मिलेगा। 75 विजेताओं को ट्रावेलिंग बैग दिया जाएगा। 150 विजेताओं को मिल्टन फ्लेक्सी टिफिन दिया जाएगा।
मुंबई मेवा-मसाला महोत्सव के स्पॉन्सर में कोठारी ड्रायफ्रूट्स, बीआरएम, अन्नपूर्णा हिंग श्यामा श्याम केसर, मिलन स्पाइसिस, ठाकुर आचार एंड मसाला, श्री मातेश्वरी चिक्की, जेम कार्पोकेम, टॉप-10 मोबाइल शॉप आदि का समावेश है।
इस महोत्सव के अध्यक्ष योगेश गणात्रा ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सूखा मेवा 10 से 15 प्रतिशत्त सस्ता है और उसका कारण बम्पर फसल है। इसके बावजूद राजनीतिक कारणों से भारत सरकार ने अमेरिका से आयातित सूखा मेवा पर आयात शुल्क कुछ बढ़ाया है, लेकिन उसका यहां खुदरा भाव पर असर नहीं पड़ा है। उसका कारण यह है कि अमेरिका में सूखामेवा की बम्पर फसल हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि मस्जिद बंदर का सूखा-मेवा-मसाला मार्केट 150 से अधिक वर्ष पुराना है। यहां सभी आइटम एमआरपी भाव से नीचे बेचे जाते है। यहां मेवा-मसाला अन्य सेन्टरों की तुलना में 10 से 30 प्रतिशत सस्ते बेचे जाते है। चुंगी समाप्त होने और जीएसटी आने के बाद कारोबार बढ़ा है। भारतीय सूखा मेवा पर 5 प्रतिशत जीएसटी है और आयातित पर 12 प्रतिशत जीएसटी है। सूखामेवा की बाक्स पैकिंग पर 12 प्रतिशत जीएसटी है।
भारत अधिकांश सूखामेवा का आयात करता है, भारत में काजू, बादाम, अखरोट, अंगूर पैदा होता है। भारत का अफगानिस्तान के साथ करार होने से वहां से आयातित अंजीर, जरदालू, किसमिस, पिस्ता पर आयात शुल्क नहीं लगता इस वर्ष अफगानिस्तान में पानी की तंगी के कारण फसल
कम हुई है। अमेरिका से बादाम, वालनट, पिस्ता का आयात होता है। इरानियन बादाम मगज मामरो सबसे महंगा सूखा मेवा है जो प्रति किलो 1500 से 6000 रु. तक के रेंज में बिकता है।
मुंबई मेवा-मसाला मर्च़ेंट्स एसोसिएशन की फेस्टिवल कमिटी में योगेश गणात्रा, जतिन ठक्कर, राहुल शाह, किशोर नंदु और हिरेन शाह का समावेश है।

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