सूरत कपड़ा उद्योग अफगानिस्तान के साथ सीधे करेगा व्यापार

सूरत से साड़ी, ड्रेस, दुपट्टा, बुरखा के लिए कपड़ा जाता है पाकिस्तान
ख्याति जोशी
सूरत। धारा 370 और 35ए हटाने के बाद पाकिस्तान ने सभी व्यापारी संबंध तोड़ दिया है। सूरत से साड़ी, ड्रेस, दुपट्टा, बुरखा का कपड़ा पाकिस्तान निर्यात होता है। पाक के सामने से ही संबंध तोड़ देने से ये आइटम अब पाकिस्तान नहीं जाएंगे। इससे सूरत के कपड़ा उद्योग को कोई खास नुकसान नहीं होगा, ऐसा स्थानीय व्यापारियों और संगठनों का मानना है।
सूरत का पाकिस्तान के साथ सीधा व्यापारी संबंध कम है। वाया दुबई और श्रीलंका होकर सूरत का कपड़ा पाकिस्तान अधिक जाता है। पाकिस्तानी ट्रेडर्स सूरत का माल अफगानिस्तान को भी बेचते हø। इससे सूरत के व्यापारी अफगान के साथ सीधा व्यापार बढ़ाने के लिए उत्सुक होने की जानकारी मिली है।
फेडरेशन आफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसो. के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि पाक की आर्थिक स्थिति वैसे भी खराब है। ऐसे में यदि सूरत के व्यापारी पाक के व्यापारियों के साथ व्यापार बढ़ाएं तो धन डूबने की आशंका है। गत डेढ़-दो वर्ष से यहां के कपड़ा व्यापारियों ने सीधा व्यापार में कमी की है। पाक के इस कदम से यहां के कपड़ा उद्योग को कोई बड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है।
फोस्टा के महामंत्री चंपालाल बोथरा ने कहा कि पाक सूरत से सस्ता कपड़ा खरीदता है। उसमें भी सूरत की साड़ी, लहंगा, दुपट्टा, बुरखा का कपड़ा जाता है। दो वर्ष से इस व्यापार में भारी कमी आयी है। यहां के कपड़ा व्यापारियों की कुछ रकम फंसने की बात भी सामने आयी है। अफगानिस्तान के साथ व्यापार सीधा बढ़ाने से स्थानीय व्यापारियों की रकम डूबने की संभावना नाममात्र है।
एसआरटीईपीसी के भूतपूर्व चेयरमैन नरीन अग्रवाल ने कहा कि पुलवामा की घटना के बाद पाक के साथ व्यापारी संबंध घटा है। सूरत से बड़े पैमाने पर कपड़े का निर्यात होता है, वह वाया दुबई और श्रीलंका होकर पाकिस्तान जाता है। पाक के साथ मात्र दुपट्टा और कुर्ती का सीधा व्यापार चालू है, उस पर असर होगा। हालांकि वह व्यापार बहुत ज्यादा नहीं है।
अप्रैल-जून के दौरान पाकिस्तान में 33 मिलियन डालर का मैन-मेड फैब्रिक का निर्यात हुआ। फैब्रिक 16 मिलियन डालर, यार्न 12 मि. डालर और 2.5 मि. डालर का फाइबर तथा मेडअप्स का निर्यात हुआ।

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