कामकाज के अभाव में धागे का भाव नरम

कामकाज के अभाव में धागे का भाव नरम
हमारे संवाददाता
आलोच्य सप्ताह में सूत बाजारों में कामकाज के अभाव में धागे के भाव मुलायम है। कपड़ा बाजारों में कामकाज न होने से सन्नाटा पसरा है। हाल में इस मौसम में हुई जोरदार वर्षा के चलते ही शहर में पानी की निकासी बढ़िया नहीं होने के कारण घरों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पानी के घुस जाने के कारण करोड़ों रुपये का तैयार कपड़ा पानी में डूबने से खराब हो गया । बाजारों में कामकाज के अभाव में मंदी के दौर से गुजर रहे है। बाजारों में पैसे की कमी भी महसूस की जा रही है।  
व्यापारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देशभर के कपड़ा बनाने वाले क्षेत्रों में कपड़े का उत्पादन काफी घटा है। उत्तर प्रदेश के कपड़ा बनाने वाले कारखानों में तो कामकाज के अभाव में ही कारोबारी परेशान है। कपड़े का उठाव नहीं होने के कारण ही मिलों को धागे के भाव एक रुपये किलो तक घटाने को विवश होना पड़ा है। जब तक कपड़े का उठाव नहीं बढ़ता है तब तक बाजारों में धागे का उठाव बढ़ने वाला नहीं है। 
व्यापारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कारखानों  में जो कपड़ा बन रहा है। वह भी समय से नहीं बिकने के कारण ही कपड़ा उत्पादकों के सामने बिक्री का बड़ा संकट बना हुआ है। कपड़ा उत्पादकों का कहना है दिसावर के आर्डर आने पर ही कामकाजों के चलने की संभावना है। जम्मू- कश्मीर में सीधे काम करने वाले कारोबारियों को धारा 370 हटने के चलते ही कुछ समय वहाँ के व्यापारियों से कामकाज करने के लिये अभी इंतजार करना पड़ेगा । हालात सामान्य होने पर कामकाजों में सुधार होगा ऐसा कारोबारी मानकर के चल रहे है। कस्बा पिलखुवा से भी कुछ कारोबारी वहाँ के इलाकों में कैनवास व अन्य कपड़े सप्लाई करने का काम करते रहे है।  
हाल ही में इस मौसम की जोरदार वर्षा के चलते ही नगर में नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था बढ़िया नहीं होने के कारण पूरा शहर जलमग्न होने के साथ ही नगर की बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों पर पानी भरने से करोड़ों रुपये की बेडसीट, स्कूल बैग, किराना सहित अनेक कपड़ा कारोबारियों को काफी नुकसान हुआ है।

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