पश्मीना दस्तकारों के हितों की होगी सुरक्षा स्मृति ईरानी

पश्मीना दस्तकारों के हितों की होगी सुरक्षा स्मृति ईरानी
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । देश में पश्मीना उत्पादों का प्रमाणीकरण किया जाएगा।जिसको लेकर भारत मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा 2 अगस्त 2019 को इन पश्मीना उत्पादों को लेकर प्रमाणन जारी किया।जिससे नक्काल करने वाले विशेष रुप से प्रभावित होंगे और दस्तकारों की हितों की सुरक्षा बढेगी।जिससे पश्मीना के उद्योग-व्यापार के समक्ष सकारात्मक रुख बन सकेगा।
दरअसल केद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यह नक्कालें और दोयर दर्जे के पश्मीना उत्पादों को हतोत्साहित करेगा।चूंकि एक अािधिकारिक दस्तावेज के तहत भारतीय मानक ब्यूरो ने पश्मीना उत्पादों में शुद्वता की परख को लेकर इनकी पहचान,मार्किंग और लेबलिंग को लेकर भारतीय मानक जारी किए।यह मानक 2 अगस्त 2019 को लेह में जारी किए गए।जिसको लेकर एक संदेश में स्मृति ईरानी ने कहा क इस प्रमाणन से नकली पश्मीना के उत्पादन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।इसके साथ ही स्थानीय दस्तकारो और पश्मीना के कच्चे माल का उत्पादन करने वाले बंजारों के हितों की भी रक्षा होगी।यह ग्राहकों को लेकर भी पश्मीना की शुद्वता सुनिश्चित करेशि।उन्होंने कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है।यह लद्दाख के पश्मीना बकरी का पालन करने वाले समुदाय और सही पश्मीना उत्पादों का उत्पादन करने वाले स्थानीय हथकरघों को उचित दाम दिलना सुनिश्चित करेशि।पश्मीना बकरी का पालन करने वाले बंजारे विषम परिस्थितियों वाले चांगतांग इलाके में रहते हø।यह उनकी आजीविका का एक मात्र साधन है।इस समय ऐसे 2400 परिवाह है जो ढाई लाख पश्मीना बकरियों का पालन करते हø।जिसको लेकर एक बयान में कहा कि हॉलमार्किंग करने से नई पीढी इस कारोबार को जारी रखने को लेकर प्रोत्साहित होगी।इसके साथ ही अधिक परिवार इस काम में आगे आएंगे।लद्दाख प्रत्येक वर्ष 50 टन दुनिया का सबसे बेहतरीन पश्मीन उत्पादित करता है।जिसका zलेकर केद्रीय कपड़ा मंत्रालय लेह में बकरी से पश्मीना बाल अलग करने के एक संयंत्र को लेकर 20 करोड़ रुपए के वित्त पोषण प्रस्ताव पर भी काम कर रहा है।   

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