जम्मू-कश्मीर में सिंथेटिक्स, सूटिंग-शर्टिंग की अच्छी बिक्री के आसार

जम्मू-कश्मीर में सिंथेटिक्स, सूटिंग-शर्टिंग की अच्छी बिक्री के आसार
रमाकांत चौधरी  
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए समाप्त हो गया है।ऐसे में अब जम्मू कश्मीर व लद्दाख केद्र शासित प्रदेश बन गया है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हुए है।ऐसे में कपड़ा व्यापारियूं को आशा है कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख में हालात शांतिप्रिय बने रहेंगे।जिससे जेन्ट्स को लेकर सिंथेटिक्स व वूलन की सूटिंग-शर्टिंग,कंबल, शॉल,लोई सहित लेडीज को लेकर कॉटन सहित वूलन की लेडीज सूट्स,दुपट्टा,स्ट्रोल जैसे कपड़े के किस्मों में थोक कामकाज अच्छा चलने के आसार बनेंगे।जिसको लेकर थोक कपड़ा व्यापारी अभी से विशेष रुप से उत्सुक हø और चौतरफा ध्यान केद्रित किए हुए है और अभी से कपड़े के कारोबार को लेकर देखो और इंतजार करो की नीति अख्तियार किए हुए है।
दरअसल मोदी सरकार की तरफ से राजनैतिक इच्छाशक्ति के बल पर देश में आजादी के बाद जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35 ए समाप्त किया गया है जो कि ऐतिहासिक कुटनीतिक कदम माना जा रहा है।जिसके तहत अब जम्मू कश्मीर व लद्दाख को केद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हुए है।जिसके तहत समाचार लिखे जाने तक संचार माध्यम पर प्रतिबंध लगा हुआ था।जिससे जम्मू कश्मीर व लद्दाख में माहौल शांत बना हुआ है।
ऐसे में मुश्लिम समुदाय का बकरीद पर्व बारह अगस्त को प्रस्तावित है।जिसमें सुरक्षा बलों की तरफ से आम जनमानस को कितनी छूट दी जाती है और हालात कितना सामान्य रहता है।जिसको लेकर देश भर की निगाहें टिकी हुई है। हालांकि कपड़ा व्यापारियों को मोदी सरकार पर पूरा भरोसा है कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख में हालात सामान्य बनाए रखने में कामयाब होगी।जिसको लेकर कपड़ा व्यापारी आशान्वित है।ऐसे में जम्मू कश्मीर व लद्दाख में हालात सामान्य रहने पर दिल्ली जैसे थोक बाजार से जेन्ट्स को लेकर सिंथेटिक्स व वूलन की सूटिंग-शर्टिंग, कंवल, शॉल, लोई, दोसूती सहित लेडीज को लेकर कॉटन व वूलन की लेडीज सूट्स,दुपट्टा,स्ट्रोल की अच्छी बिक्री चलने की आशा है।हालांकि कपड़े के थोक व्यापारियों की तरफ से अगले शीतकालीन मौसम को लेकर वूलन किस्मों के कपड़े की तैयारी पहले से ही कर रखी है और जम्मू व लदृदाख के ताजा हालात को लेकर अब वूलन किस्मों के कपड़े की तैयारी की रफ्तार बढाने शुरु कर दिए गए है ।चूंकि कपड़ा व्यापारियों का स्पष्ट रुप से कहना है कि कारोबार संभावनाओं पर चलता है और हालात नित्य बदलते रहते है जिसके अनुरुप व्यापारियों को ढलना पड़ता है तभी कारोबार में कामयाबी मिलती है और कारोबार में नफा नुकसान तो होता रहता है।बहरहाल जो व्यापारी कारोबारी हालात पर नजर नहीं रखते है उन्हें कामयाबी भी कम मिलती है।वहीं तिरपाल,कैनवास आदि की जम्मू कश्मीर में खासे बिक्री होती है। जिसको लेकर दिल्ली के तिरपाल व कैनवास के व्यापारी बखूबी तैयारी कर रखी है और ताजा खरीदारी निकलने को लेकर विशेष रुप से उत्सुक है।जिसको लेकर कपड़ा व्यापारियों को आशा है कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख में आगे हालात सामान्य बने रहेंगे।जिसको लेकर बेसब्री से प्रतीक्षा हो रहे है और देखो और इंतजार करो की राह पर है।
हालांकि जम्मू कश्मीर व लदृदाख को लेकर अमृतसर व लुधियाना से भी कैशमीलोन व वूलन किस्मों के परिधानों की सप्लाई करवाई जाती है।जिसको लेकर वहां पर पूछपरख भी शुरु हो जाने की खबर है।जिसको लेकर आगे के हालात पर सभी को तिरछी नजर टिकी हुई है ताकि आगे हालात सामान्य रहने पर कामकाज खुलकर चलायमान हो सकेगा।

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