भारत के साथ व्यापार बंद करने से पाकिस्तान को होगा नुकसान

भारत के साथ व्यापार बंद करने से पाकिस्तान को होगा नुकसान
पाक के टेक्सटाइल और फार्मा उद्योग को झटका

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केद्र शासित प्रदेश घोषित करने के कदम के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी संबंध तोड़कर अपनी अपरिपक्वता दर्शाई है। भारत के साथ विपक्षी व्यापार सस्पेंड करने के पाकिस्तान के निर्णय के कारण वहां के टेक्सटाइल और फार्मा के उद्योगों को जोरदार झटका लगेगा। ये दोनों उद्योग कुल 90 करोड़ डालर से अधिक का कच्चा माल भारत से आयात करते है।
दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात के आंकड़ों की तुलना करें तो भारत द्वारा पाकिस्तान को किए जाते निर्यात की तुलना में एक चौथायी माल भारत द्वारा पाक से आयात किए जाने से भारत को विशेष कुछ खोना नहीं है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार 2018-19 में पाकिस्तान ने 55.033 करोड़ डालर का कपास तथा 45.775 करोड़ डालर का आर्गेनिक केमिकल्स भारत से खरीदा था। इन दोनों कमोडिटीज का ही पाकिस्तान द्वारा भारत से किए गए कुल आयात (2.07 अरब डालर) में लगभग आधा हिस्सा था।
अप्रैल से जून-2019 के कामचलाऊ आकड़े के साथ भारत ने अभी तक में पाकिस्तान को 45.251 करोड़ डालर का निर्यात किया है जिसमें आर्गेनिक केमिकल के 12.787 करोड़ डालर तथा कपास के 4.833 करोड़ डालर के निर्यात का समावेश है। भारत के दक्षिण एशिया के देशों के साथ के व्यापार की सूची में पाकिस्तान का नम्बर, श्रीलंका, बंग्लादेश और नेपाल के बाद आता है।
पाकिस्तान से किए जाते मुख्य आयात में मिनरल फ्यूअल्स (13.129 करोड़ डालर) और फल तथा सूखामेवा (10.0327 करोड़ डालर) का समावेश है। 2018-19 में भारत ने 49.487 करोड़ डालर का माल पाकिस्तान से आयात किया था। इंडियन काउंसिल फार रिसर्च आन इंटरनेशनल इकोनामिक रिलेशंस की प्रोफेसर नीशा तनेजा ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा आयात बंद करने का असर उसके टेक्सटाइल और फार्मा उद्योग पर पड़ेगा।
भारत से निर्यात होते चीजों में 82 प्र.श. योगदान कच्चे माल और इंटरमीडिएट का था। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के उत्पादों पर 200 प्र.श. आयात शुल्क लगाया है।

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