रियल एस्टेट, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट व हैडीक्राफ्ट में बढ़ेगा कारोबार

रियल एस्टेट, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट व हैडीक्राफ्ट में बढ़ेगा कारोबार
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35ए हटने का असर
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । मोदी सरकार की तरफ से जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 व 35 ए को बेअसर करने को लेकर अहम फैसले लिए गए है।जिससे देश भर के व्यापार-उद्योग जगत बेहद उत्साहित है।जिससे न सिर्फ कश्मीर और बाकी देश के बीच वैधानिक व्यापार की बाधाएं समाप्त होंगी बल्कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख जैसे केद्र शासित प्रदेद्रा में निवेश के अनुकूल माहौल बनेगा और नए रोजगार सृजित होंगे।ऐसे में जम्मू कश्मीर व लद्दाख में रियल एस्टेट,टूरिज्म,ट्रांसपोर्ट, हैडीक्राफ्ट सहित अन्य क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाएं बढेगी।
दरअसल नेशनल रियल एस्टेल डेवलपमेंट काउंसिल (नारडेको) के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में बाहरी व्यक्ति या फर्म की तरफ से रियल एस्टेट डेवलपमेंट और परचेज पर पाबंदी समाप्त होने के कई सकारात्मक असर दिखेंगे।जिसके तहत अब सक्षम कंपनियां वहां निवेश और डेवलपमेंट करेंगे।जिससे जम्मू कश्मीन व लद्दाख में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।वहीं प्रॉपर्टीज का वैल्यू एडीशन होगा और आर्थिक गतिविधियां बढेंगी।वहीं इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अघ्यक्ष प्रणव सरकार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के देश के अन्य राज्यों की बराबरी में आने से वहां टूरिज्म इंडस्ट्री के विकास की अपार संभावनाएं दिख रही है।चूंकि धरती के स्वर्ण में बड़े निवेश के चलते टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा।जिससे जम्मू कश्मीर के युवकों को लेकर पर्यटन में रोजगार के नए मौके तैयार होंगे।जिसको लेकर एक हालिया सर्वे के तहत देश में 2029 तक प्रत्येक वर्ष 10 लाख नई नौकरियां बनने का अनुमान है।जिसके तहत जम्मू कश्मीर टूरिज्म जॉब का सेंटर बन सकता है।वहीं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल संगठन महामंत्री और आयातक पवन कुमार ने कहा कि हम कश्मीर में माल भेजते थे और उसकी पेमेंट फंस जाती थी तो हम खरीदार पर केस नहीं कर पाते थे और न ही भेजा हुआ माल मंगा सकते थे।जिसमें कई कानूनी अड़चनें और लागत आती थी।बहरहाल अब ऐसा नहीं होगा।यह कदम एक राष्ट्र,एक बाजार के दरवाजे को खोलेगा।चूंकि जम्मू कश्मीर या उससे होकर विदेश माल भेजने पर अपने ही देश में कई तरह के लीगल-इलीगत चुंगी,टोल,शुल्क देने पड़ते थे। जिनसे अब निजात मिलेगी।वहीं एस्कॉर्ट सिक्योरिटीज के प्रबधक निदेशक विनोद दीक्षित ने कहा कि जम्मू कश्मीर में फ्रूड,ड्राईफूट और अन्य प्रोसेसिंग फूड में कारोबार की भरपूर संभानाएं है । जिससे अब कंपनियां वहां प्रोसेसिंग यूनिटें लगाएंगी। जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, हाइड्रो पावर और हॉस्पिटैलिटी में निवेश बढेगा।उल्लेखनीय है कि वन नेशन, वन टैक्स की अवधारणा लागू हुई। बहरहाल जीएसटी को लेकर लेकर जम्मू कश्मीर में कई प्रावधान अलग रहे है और हाल तक इनपुट क्रेडिट्स को लेकर बाहरी खरीदारों व बिक्रेताओं को दिक्कतें पेश आ रही थी।जिसके तहत उत्तर प्रदेश के शहरों से क्रिकेट बैट बनाने वाली कंपनियां कश्मीर से लकड़ी मंगाती है जिसकी लागत अधिक पड़ती है।हालांकि अब वह वहां आसानी से मैन्युफैक्चरिंग कर सकेंगी। वहीं हैडीक्राफ्ट सेक्टर में काफी संभावनाएं दिख रही है।जिसके तहत बाहरी बाजारों से कटे हाने के चलते जम्मू कश्मीर के कारीगरों को उनके उम्दा सामान की उचित कीमत नहीं मिल पाती है।जिस समस्या का अब अंत हो गया है। 

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