श्रीलंका को निर्यात रियायत देने की चर्चा से

भारतीय कालीमिर्च उद्योग चिंतित 
 
कोची। श्रीलंका सरकार द्वारा भारत के साथ उसे कालीमिर्च निर्यात में रियायत देने की बातचीत पर भारतीय कालीमिर्च उद्योग ने चिंता जताई है। भारतीय कालीमिर्च उद्योग को संरक्षण देने के लिए भारत सरकार ने कालीमिर्च का न्यूनतम आयात मूल्य तय किया था। इसमें रियायत देने से उद्योग की दशा बिगड़ सकती है।  
बता दें कि एक साल पहले केंद्र सरकार ने कालीमिर्च के आयात को रोकने एवं देश में गिर रही इसकी कीमतों को थामने के लिए न्यूनतम आयात शुल्क घोषित किया था। उस समय घरेलू बाजार में कालीमिर्च के अंधाधुंध आयात से भाव 500 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 350 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास आ गए थे। केंद्र सरकार ने कालीमिर्च के कारोबारियों और निर्यातकों की शिकायतों को सुना जिनमें मुख्य यह था कि वियतनाम की काली मिर्च श्रीलंका रूट के माध्यम से आ रही है।  
मसाला संगठन से जुड़े किशोर शामजी का कहना है कि श्रीलंका को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह विएतनाम की कालीमिर्च जो उसे रूट से भारत आती है, को ओरिजनल सर्टीफिकेट जारी नहीं करेगा। विएतनाम की कालीमिर्च ने भारतीय किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।  
बता दें कि भारत ने दिसंबर 2017 में श्रीलंकाई कालीमिर्च का 7700 डॉलर प्रति टन न्यूनतम आयात मूल्य तय किया था। हालांकि, श्रीलंका की कालीमिर्च भारत में जीरो डयूटी पर 2500 टन तक निर्यात करने की अनुमति है। यह अनुमति फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत है, जबकि इससे अधिक मात्रा में निर्यात करने पर आठ फीसदी प्रीफ्रेंशियल डय़ूटी है। भारत में कालीमिर्च आयात पर 70% कस्टम डय़ूटी है। न्यूनतम आयात मूल्य लागू होने से श्रीलंका से भारत को होने वाले कालीमिर्च निर्यात में 75% की कमी आई है। 
किशोर शामजी का कहना है कि भारतीय कालीमिर्च उत्पादक मानते हैं कि जब तक कालीमिर्च के घरेलू दाम 500 रुपए प्रति किलोग्राम नहीं पहुंच जाते, कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए। कालीमिर्च आयात में दी गई कोई भी रियायत भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि एक्सट्रैक्शन इंडस्ट्री पहले से ही कालीमिर्च का आयात कर रही है जो एडवांस लाइसेंस के तहत बगैर किसी डय़ूटी के हो रहा है एवं इस इंडस्ट्री को वैल्यू एडिशन के बाद इसे फिर से निर्यात करना होता है। बता दें कि भारतीय कालीमिर्च के दाम इस समय दुनिया में सबसे ऊंचे हैं जिसकी वजह से अन्य बाजारों से यहां तस्करी के माध्यम से कालीमिर्च आ रही है। भारत में ब्राजील की कालीमिर्च तस्करी के माध्यम से आती हैं एवं वह यहां 370 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रही है।

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