आरआईएल में रु. एक लाख करोड़ निवेश करेगी अरामको

आरआईएल में रु. एक लाख करोड़ निवेश करेगी अरामको
पेट्रो व केमिकल कारोबार में 20% हिस्सेदारी खरीदेगी सऊदी कंपनी 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । देश में राजस्व के लिहाज से सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडय्स्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कर्जमुक्त होने को लेकर अपने ऑयल व केमिकल बिजनेस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सऊदी अरैमको के हाथों बेचने का एलान किया।जिसके तहत एक लाख करोड़ रुपए से कुछ अधिक के इस सौदे को भारत में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) कहा जा रहा है।इस सौदे के तहत आरआइएल के पेट्रोलियम और केमिकल कारोबार का मूल्य 75 अरब डॉलर यानि लगभग 5.25 लाख करोड़ रुपए लगाया गया है।इससे पहले कंपनी अपने पेट्रोलियम रिटेलिंग कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की बीपी पीएलसी के हाथों बेचने की घोषणा कर चुकी है।इन दोनों सौदों से कंपनी में कुल 1.15 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे।इस दोनों सौदे इसी वित्त वर्ष में पूरे हो जाने की उम्मीद है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की 42 वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए आरआइएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा क ऐसा होने के बाद कंपनी अगले 18 महीनों में कर्ज मुक्त हो जाएगी।बीत वित्त वर्ष की समाप्ति यानि 31 मार्च 2019 को कंपनी पर 1,54,478 करोड़ रुपए का कर्ज था।उन्होंने कहा कि इसमें 13.60 लाख बैरल की क्षमूता वाला गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी परिसरन भी शामिल है।इससे कंपनी को लगभग एक लाख करोड़ रुपए का निवेश आएगा।उल्लेखनीय है कि पूरी रिलायंस इंडस्ट्रचश्ल की एंटरप्राइज वैल्यू 134 अरब डॉलर की है।इस सौदे के तहत अरैमको प्रत्येक दिन पांच लाख बैरल कच्चा तेल जामनगर रिफाइनरी को उपलब्ध कराएगी।ऐसे में इस रिफाइनरी को प्रत्येक वर्ष लगभग 250 लाख टन कच्चा तेल अरैमको से उपलब्ध होगा।जिससे कंपनी की योजना आगे चलते हुए इस रिफाइनरी की क्षमता को 2030 तक 20 लाख्चा बैरल प्रति दिन करने की है।इसके अतिरिक्त बीपी रिलायंस के खुदरा पेट्रो कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है।जिसमें 1400 पेट्रोल पंप और 31 एयरपोर्ट पर एविएशन फ्यूल की बिक्री की सविधाएं शामिल है।उन्होंने बाद में अपने एक ट्वीट में कहा कि इन सौदों के बाद कंपनी को अगले 18 महीने में कर्ज मुक्त कंपनी में तब्दील करना संभव हो सकेगा।कर्ज मुक्त कंपनी होने का अर्थ उसकी उधारी का स्तर कंपनी के नगद रिजर्व से नीचे आ जाना होता है।कंपनी की उधारी 2013 से उसके कैश रिजर्व से ऊपर चल रही है।इन दोनों सौदों को कंपनी के भविष्य को लेकर बेहतर बताते हुए उन्होंने कहा कि जैसे जैसे भारत न्यू इंडिया में तब्दील हो रहा है रिलायंस भी खुद को न्यू रिलायंस में बदल रही है।उन्होंने कहा कि जैसे जैसे दुनिया अक्ष्य ऊर्जा स्त्रोतों और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ रही है वैसे तो रिलायंस ने भी अपनी कमर कस ली है।

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